Ranchi News: राजधानी रांची में यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने के लिए सिरमटोली-मेकोन और कोकर-योगदा सत्संग आश्रम फ्लाईओवर परियोजना पर काम तेज कर दिया गया है. जिला भू-अर्जन कार्यालय ने बहु बाजार से पटेल चौक को जोड़ने वाले इस महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट के लिए मौजा कोनका और मौजा सिरम में भूमि और मकानों के अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी कर ली है. इस फ्लाईओवर की कुल लंबाई 1.25 किमी है, जिसके निर्माण से शहर के व्यस्त इलाकों में जाम से बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है.
सैकड़ों रैयतों की जमीन और मकानों का अधिग्रहण
परियोजना के तहत वार्ड संख्या 4, 5 और 6 के अंतर्गत आने वाले कई रैयतों की संपत्तियों का अर्जन किया गया है. आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, मौजा कोनका में लगभग 1.26 एकड़ और मौजा सिरम में करीब 0.97 एकड़ भूमि अधिग्रहित की गई है. इसमें निजी व्यक्तियों और संस्थाओं की खाली जमीन के साथ-साथ वहां बनी पक्की संरचनाएं और मकान भी शामिल हैं, जिनका मूल्यांकन प्रशासन द्वारा कर लिया गया है.
आवेदन की कमी से रुका करोड़ों का भुगतान
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि प्रभावित रैयतों को धारा-37 के तहत पहले ही कानूनी नोटिस भेजा जा चुका है. इसके बावजूद, कई भू-स्वामियों ने अब तक मुआवजा राशि प्राप्त करने के लिए आधिकारिक आवेदन कार्यालय में जमा नहीं किया है. कागजी कार्यवाही पूरी न होने के कारण भुगतान की प्रक्रिया अटकी हुई है, जिससे फ्लाईओवर निर्माण की भौतिक प्रगति पर भी असर पड़ रहा है.
10 मई तक आवेदन न करने पर जब्त होगी राशि
जिला भू-अर्जन पदाधिकारी ने रैयतों को अंतिम चेतावनी देते हुए 10 मई 2026 तक आवेदन जमा करने का निर्देश दिया है. यदि तय समय सीमा के भीतर दावेदार अपने दस्तावेज पेश नहीं करते हैं, तो प्रशासन यह मान लेगा कि वे मुआवजा लेने के इच्छुक नहीं हैं. ऐसी स्थिति में पूरी राशि सरकारी खजाने में वापस जमा कर दी जाएगी और इसके बाद होने वाली किसी भी असुविधा या नुकसान की जिम्मेदारी स्वयं रैयतों की होगी.