Railway News: कोल्हान क्षेत्र के यात्री लगातार ट्रेनों की लेटलतीफी से परेशान हैं और अब सोशल मीडिया पर रेलवे से जवाब मांग रहे हैं. लोग चक्रधरपुर मंडल से सवाल कर रहे हैं कि आखिर कब तक यात्रियों को इस परेशानी का सामना करना पड़ेगा. एक्स और इंस्टाग्राम जैसे प्लेटफॉर्म पर यात्रियों ने अपनी नाराजगी खुलकर जाहिर की है.
यात्रियों का कहना है कि मालगाड़ियों को प्राथमिकता मिलने से पैसेंजर, मेमू और एक्सप्रेस ट्रेनों का संचालन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है. मजदूरों, छात्रों और रोज सफर करने वाले लोगों के लिए यात्रा अब मुश्किल बन गई है. उन्हें यह भरोसा नहीं रहता कि ट्रेन कब रुकेगी और कब गंतव्य तक पहुंचेगी.
टाटानगर से राउरकेला और खड़गपुर रूट पर प्रतिदिन 8 से 10 ट्रेनें देरी से चल रही हैं. गीतांजलि एक्सप्रेस, कुर्ला एक्सप्रेस और अहमदाबाद एक्सप्रेस जैसी प्रमुख ट्रेनें भी लंबे समय से समय पर टाटानगर नहीं पहुंच रही हैं. कई बार एक घंटे की दूरी तय करने में 4 से 5 घंटे तक लग जाते हैं, जिससे यात्रियों का गुस्सा बढ़ता जा रहा है.
बड़बिल, गुवा, चाईबासा, नोवामुंडी, राउरकेला और खड़गपुर मार्ग पर सफर करने वाले लोगों ने इसे सजा जैसा अनुभव बताया है. यात्रियों का कहना है कि गर्मी के मौसम में बीच रास्ते में घंटों ट्रेन खड़ी रहने से हालात और खराब हो जाते हैं. खासकर जनरल और स्लीपर कोच में सफर करने वालों को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है.
लगातार तीन वर्षों से ट्रेनों की देरी झेल रहे लोग अब सड़क और रेल लाइन पर उतरकर विरोध की तैयारी में हैं. सोशल मीडिया पर यात्रियों ने रेलवे को सुझाव दिया है कि कम से कम गर्मी के मौसम में ट्रेनों का परिचालन तय समय पर सुनिश्चित किया जाए, ताकि लोग सुरक्षित और समय पर अपने गंतव्य तक पहुंच सकें.
रेल मंत्री की ओर से समय पर ट्रेन संचालन का आश्वासन दिए जाने के बावजूद स्थिति में सुधार नहीं दिख रहा है. चक्रधरपुर और खड़गपुर मंडल संयुक्त रूप से ट्रेन परिचालन की निगरानी कर रहे हैं, फिर भी हावड़ा से राउरकेला तक चलने वाली कई ट्रेनें लगातार लेट हो रही हैं. इससे यात्रियों में रेलवे प्रशासन के प्रति नाराजगी बढ़ती जा रही है.