Jharkhand News: झारखंड समेत पूरे देश में चल रहे समग्र शिक्षा अभियान और पीएम पोषण योजना (मध्याह्न भोजन) पर मंडरा रहे अनिश्चितता के बादल छंट गए हैं. केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने इन योजनाओं की अवधि को 30 सितंबर 2026 तक के लिए बढ़ा दिया है. दरअसल, इन योजनाओं की मियाद 31 मार्च को समाप्त हो गई थी, जिसे लेकर अब वित्त मंत्रालय की हरी झंडी के बाद राज्यों को पत्र जारी कर दिया गया है. अब 16वें वित्त आयोग से इन योजनाओं को 31 मार्च 2031 तक स्थायी विस्तार देने की प्रक्रिया पर काम शुरू होगा.
84 हजार महिला रसोइयों के लिए बड़ा फैसला
झारखंड सरकार ने राज्य की लगभग 84 हजार महिला रसोइयों को इस बार खास सौगात देने का निर्णय लिया है. पीएम पोषण योजना के तहत स्कूलों में खाना बनाने वाली इन रसोइयों को इस बार राज्य सरकार की ओर से साड़ी दी जाएगी. इससे पहले रसोइयों को एप्रन उपलब्ध कराया गया था. सरकार ने न केवल इसके लिए बजट में प्रावधान किया है, बल्कि कैबिनेट से मंजूरी लेने की तैयारी भी पूरी कर ली है. इस फैसले को जमीनी स्तर पर काम करने वाली महिलाओं के सम्मान और पहचान से जोड़कर देखा जा रहा है.
बजट और डेटा संकलन में जुटा शिक्षा विभाग
अवधि विस्तार मिलने के साथ ही झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद और मध्याह्न भोजन प्राधिकरण नए बजट प्रस्ताव तैयार करने में जुट गए हैं. केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने राज्य से विस्तृत बजट प्लान मांगा है, जिसके लिए जिलावार डेटा जुटाया जा रहा है. पुरानी योजनाओं को आधार बनाकर फिलहाल वित्तीय वर्ष 2026-27 की रूपरेखा तैयार की जा रही है. उम्मीद जताई जा रही है कि मई के पहले या दूसरे सप्ताह में होने वाली प्रोग्राम एप्रूवल बोर्ड की बैठक में झारखंड के इस बजट प्रस्ताव पर अंतिम मुहर लग जाएगी.
फंड संकट खत्म होने से विकास को मिलेगी गति
योजनाओं के विस्तार और बजट प्रस्ताव की मांग से यह स्पष्ट है कि राज्य में चल रहे शैक्षणिक और पोषण संबंधी कार्यों में अब फंड की बाधा नहीं आएगी. मध्याह्न भोजन योजना के सुचारू संचालन से जहां बच्चों के पोषण स्तर में सुधार होगा, वहीं समग्र शिक्षा के तहत बुनियादी ढांचे का विकास भी जारी रहेगा. राज्य सरकार अब योजना प्राधिकृत समिति और कैबिनेट की स्वीकृति के बाद जल्द ही रसोइयों के बीच साड़ी वितरण की प्रक्रिया शुरू करने की योजना बना रही है.