Current News : पश्चिम बंगाल के जंगलमहल क्षेत्र में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री चम्पाई सोरेन ने क्षेत्र के कई गांवों के मांझी बाबा, पारंपरिक ग्राम प्रधानों और आदिवासी समाज के प्रमुख लोगों के साथ बैठक कर भाजपा के पक्ष में समर्थन मांगा।बैठक सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न हुई, जहां आदिवासी समाज से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। इस दौरान समाज के प्रतिनिधियों ने सरकारी स्तर पर हो रहे दमन और झूठे मुकदमों को लेकर नाराजगी जताई और इससे मुक्ति की मांग की।
आदिवासी समाज ने दमन और झूठे मुकदमों से मुक्ति की जताई मांग
बैठक में चम्पाई सोरेन ने केंद्र सरकार की योजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देशभर में 723 एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालयों को स्वीकृति दी गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल में इन विद्यालयों के लिए जमीन उपलब्ध नहीं कराई गई, जिससे आदिवासी समाज के बच्चों की शिक्षा प्रभावित हो रही है।
उन्होंने भरोसा दिलाया कि भाजपा की सरकार बनने पर आदिवासी समाज के विकास और उत्थान के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे।
चम्पाई सोरेन का दावा, बंगाल में बदलाव तय, विकास की धारा से जुड़ेगा आदिवासी समाज
बैठक के अंत में मौजूद आदिवासी नेताओं और प्रतिनिधियों ने भाजपा को समर्थन देने की बात कही और विकास की मुख्यधारा से जुड़ने की इच्छा जताई।
गौरतलब है कि चम्पाई सोरेन इन दिनों जंगलमहल क्षेत्र में लगातार सक्रिय हैं और कई जनसभाएं कर चुके हैं। इस दौरान उन्होंने सुवेंदु अधिकारी के साथ मंच साझा कर भाजपा के पक्ष में माहौल बनाने का प्रयास किया है। उनके इस अभियान का असर सीमावर्ती क्षेत्रों में भी देखने को मिल रहा है, जहां भाजपा की स्थिति मजबूत होती नजर आ रही है।