Jharkhand News: झारखंड में अवैध अफीम की खेती को नष्ट करने और मादक पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए पुलिस द्वारा चलाए जा रहे अभियानों की समीक्षा अब कल यानी बुधवार को की जाएगी. इससे पहले यह महत्वपूर्ण बैठक 17 अप्रैल को होनी थी, लेकिन अपरिहार्य कारणों से इसे स्थगित कर दिया गया था. अपराध अनुसंधान विभाग (CID) द्वारा जारी निर्देश के अनुसार, इस वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की अध्यक्षता खुद डीजीपी करेंगी. बैठक का मुख्य एजेंडा राज्य के संवेदनशील इलाकों में अफीम की खेती को पूरी तरह समाप्त करने के लिए अब तक उठाए गए कदमों की प्रगति का जायजा लेना है.
इन 8 संवेदनशील जिलों के एसपी को मिली कड़ी हिदायत
इस उच्चस्तरीय बैठक में मुख्य रूप से उन जिलों पर ध्यान केंद्रित किया गया है जहां अफीम की खेती और तस्करी की समस्या सबसे अधिक है. बैठक में रांची, चतरा, पलामू, चाईबासा, सरायकेला, हजारीबाग, लातेहार और खूंटी के एसएसपी व एसपी शामिल होंगे. इन सभी अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में अफीम की फसल को नष्ट करने और ड्रग्स तस्करों के खिलाफ की गई कार्रवाई की संपूर्ण रिपोर्ट के साथ तैयार रहें. डीजीपी सीधे तौर पर इन जिलों के प्रदर्शन का आकलन करेंगी.
ड्रग्स नेटवर्क को तोड़ने के लिए बनेगा नया एक्शन प्लान
बैठक के दौरान केवल अफीम की फसल नष्ट करने पर ही नहीं, बल्कि नशीले पदार्थों के पूरे सिंडिकेट को ध्वस्त करने पर भी चर्चा होगी. पुलिस कप्तानों को अब तक की गई गिरफ्तारियों, मादक पदार्थों की जब्ती और तस्करों के फॉरवर्ड व बैकवर्ड लिंकेज की जानकारी पेश करनी होगी. विशेष रूप से उन इलाकों की मैपिंग की जा रही है जहां अफीम की खेती के लिए स्थानीय लोगों को बरगलाया जाता है.