Jharkhand News: भोला पांडे गिरोह से जुड़े कुख्यात विकास तिवारी को झारखंड हाई कोर्ट से बड़ा झटका लगा है. अदालत ने उनकी जमानत याचिका को खारिज कर दिया है. न्यायाधीश अनिल कुमार चौधरी ने मामले की सुनवाई करते हुए स्पष्ट कहा कि इस केस में आरोपी को राहत नहीं दी जा सकती.
लंबा आपराधिक इतिहास
विकास तिवारी का आपराधिक रिकॉर्ड काफी लंबा रहा है. उसके खिलाफ कुल 25 मामले दर्ज हैं. हालांकि, इनमें से कई मामलों में उसे राहत मिल चुकी है. सुशील श्रीवास्तव हत्याकांड में वह पहले ही बरी हो चुका है, जबकि करीब 18 मामलों में उसे या तो जमानत मिल चुकी है या वह दोषमुक्त हो चुका है.
एटीएस केस में नहीं मिली राहत
इस बार जिस मामले में जमानत याचिका खारिज हुई है, वह एटीएस से जुड़ा मामला है. अदालत ने इस केस को गंभीर मानते हुए आरोपी को जमानत देने से इनकार कर दिया.
अदालत में कड़ा विरोध
सुनवाई के दौरान एटीएस की ओर से पैरवी कर रहे अधिवक्ता अमित कुमार दास ने जमानत का कड़ा विरोध किया. उन्होंने दलील दी कि विकास तिवारी पर लेवी वसूली और लोगों में दहशत फैलाने के गंभीर आरोप हैं. ऐसे में उसे जमानत देना समाज में गलत संदेश देगा और शिकायतकर्ताओं का मनोबल कमजोर होगा.
अदालत ने दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद अंततः जमानत याचिका खारिज कर दी.