Jamshedpur Big News: पूर्वी सिंहभूम के धालभूमगढ़ में प्रस्तावित एयरपोर्ट परियोजना को लेकर राज्य सरकार और भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (AAI) के बीच उच्चस्तरीय सहमति बन गई है. पहले जहां केवल 240 एकड़ पर काम शुरू होना था, वहीं अब भविष्य की जरूरतों को देखते हुए इसे बढ़ाकर 540 एकड़ कर दिया गया है. रांची एटीसी की टीम ने स्थल निरीक्षण के बाद इसे तकनीकी रूप से उपयुक्त पाया है. इस एयरपोर्ट के बनने से कोल्हान क्षेत्र के लोगों को हवाई यात्रा के लिए रांची या कोलकाता पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा, जिससे समय और लागत दोनों की बचत होगी.
ग्रीनफील्ड नीति की बाधा दूर, साहिबगंज में भी बनेगा नया हवाई अड्डा
दो हवाई अड्डों के बीच न्यूनतम 150 किलोमीटर की दूरी की अनिवार्य नीति के कारण धालभूमगढ़ परियोजना लंबे समय से अटकी थी, क्योंकि रांची से इसकी दूरी लगभग 135 किमी है. अब राज्य सरकार ने रणनीति बदलते हुए मानक के अनुरूप साहिबगंज में ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट विकसित करने की पहल तेज कर दी है. साहिबगंज का रणनीतिक महत्व गंगा तट और मल्टीमॉडल पोर्ट के कारण बढ़ गया है, जिससे यहां एयरपोर्ट बनने से संथाल परगना क्षेत्र के पर्यटन और व्यापार को नई मजबूती मिलेगी.
एलीफेंट कॉरिडोर का फिर से होगा सर्वे, वन विभाग को निर्देश
परियोजना के रास्ते में आने वाली पर्यावरणीय बाधाओं को दूर करने के लिए वन विभाग ने 70 हजार पेड़ों का सीमांकन कर रिपोर्ट केंद्र को भेज दी है. चूंकि धालभूमगढ़ का हिस्सा एलीफेंट कॉरिडोर में आता है, इसलिए सरकार ने हाथियों के प्राकृतिक आवागमन को देखते हुए कॉरिडोर का फिर से सर्वे कराने का निर्णय लिया है. प्रशासन ने एएआई को भूमि अधिग्रहण और एनओसी की प्रक्रिया में हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया है ताकि निर्माण कार्य जल्द शुरू हो सके.
उड़ान योजना के तहत झारखंड में हवाई नेटवर्क का विस्तार
केंद्र सरकार की “उड़ान” योजना के विस्तार के तहत झारखंड के कई शहरों में हवाई कनेक्टिविटी मजबूत की जा रही है. 2019 में आधारशिला रखे जाने के बाद ठप पड़ी धालभूमगढ़ परियोजना के साथ-साथ बोकारो, दुमका, जमशेदपुर, पलामू (चियांकी) और हजारीबाग में भी एयरपोर्ट विकसित करने की योजना है. जमशेदपुर के औद्योगिक क्षेत्रों के लिए धालभूमगढ़ एक महत्वपूर्ण लॉजिस्टिक हब के रूप में उभरेगा, जिससे कोल्हान और आसपास के इलाकों में निवेश और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे.