Chaibasa Breaking: पश्चिम सिंहभूम जिले के मनोहरपुर प्रखंड स्थित सारंडा जंगल बुधवार को गोलियों की तड़तड़ाहट से दहल उठा. छोटानागरा थाना क्षेत्र के बालिबा गांव के पास स्थित चडराडेरा जंगल में नक्सल उन्मूलन अभियान के दौरान जवानों का सामना नक्सलियों से हो गया. नक्सलियों द्वारा की गई अचानक फायरिंग के बाद सुरक्षाबलों ने भी मोर्चा संभाला और जवाबी कार्रवाई शुरू की. यह क्षेत्र मनोहरपुर मुख्यालय से करीब 60 किलोमीटर दूर अत्यंत दुर्गम और घना जंगल है, जहां नक्सलियों की मौजूदगी की सूचना पर सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा था.
इंस्पेक्टर समेत 5 जांबाज हुए घायल
इस भीषण संघर्ष में कोबरा बटालियन 205 के इंस्पेक्टर सत्य प्रकाश समेत कुल 5 जवान घायल हुए हैं. जानकारी के अनुसार, इंस्पेक्टर सत्य प्रकाश नक्सलियों द्वारा बिछाए गए आईईडी (IED) ब्लास्ट की चपेट में आने से घायल हुए. वहीं, अन्य जवानों जितेंद्र राय, उत्तम कुमार सेनापति, शैलेश कुमार दुबे और प्रेम को मुठभेड़ के दौरान गोलियां लगी हैं. घायल जवान शैलेश के गर्दन में, उत्तम के हाथ में और अन्य के पैरों में चोटें आई हैं. सभी जवान कोबरा और सीआरपीएफ के जांबाज दस्ते का हिस्सा हैं.
एयरलिफ्ट कर रांची में भर्ती, एक की हालत गंभीर
घटना के तुरंत बाद सुरक्षाबलों ने रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया. दुर्गम इलाका होने के कारण घायल जवानों को बालिबा गांव से हेलीकॉप्टर के जरिए एयरलिफ्ट कर बेहतर इलाज के लिए रांची भेजा गया है. फिलहाल रांची के एक निजी अस्पताल में सभी का उपचार जारी है, जिनमें से एक जवान की स्थिति गंभीर बनी हुई है. पुलिस अधिकारियों के अनुसार, सुरक्षाबलों की जवाबी कार्रवाई में नक्सलियों को भी भारी नुकसान पहुंचने की संभावना है, हालांकि घने जंगल और शाम होने के कारण अभी तक किसी शव या हथियार की बरामदगी की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है.
घेराबंदी कर नक्सलियों की तलाश जारी
मुठभेड़ के बाद पूरे चडराडेरा और आसपास के वन क्षेत्र की किलेबंदी कर दी गई है. चाईबासा पुलिस, सीआरपीएफ और कोबरा बटालियन की अतिरिक्त टुकड़ियां मौके पर भेजी गई हैं. नक्सलियों के भागने के संभावित रास्तों पर सघन तलाशी अभियान चलाया जा रहा है. जिला पुलिस मुख्यालय इस पूरे ऑपरेशन की मॉनिटरिंग कर रहा है. अधिकारियों का कहना है कि नक्सलियों के खिलाफ यह अभियान और तेज किया जाएगा ताकि क्षेत्र को पूरी तरह उग्रवाद मुक्त बनाया जा सके.