Back to Top

Facebook WhatsApp Telegram YouTube Instagram
Push Notification

🔔 Enable Notifications

Subscribe now to get the latest updates instantly!

Jharkhand News26 – fastest emerging e-news channel.
  • 2026-04-15

Jharkhand News: झारखंड में शराब नीति में बड़ा बदलाव, JSBCL को मिली जिम्मेदारी, राजस्व बचाने का नया प्लान

Jharkhand News: राज्य सरकार के उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग ने “झारखंड उत्पाद नियमावली, 2025” में अहम संशोधन किए हैं। 28 मार्च को जारी अधिसूचना के अनुसार, अब जिन शराब दुकानों का बंदोबस्त निजी संचालकों से नहीं हो पाएगा, उनका संचालन झारखंड राज्य बिवरेजेज कॉरपोरेशन लिमिटेड (JSBCL) करेगी। यह नियम पूरे राज्य में तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है। सरकार का उद्देश्य राजस्व नुकसान को रोकना और हर क्षेत्र में शराब की उपलब्धता सुनिश्चित करना है।


2030 तक लाइसेंस, सालाना नवीनीकरण जरूरी

नियमों के अनुसार खुदरा शराब दुकानों के लिए लाइसेंस 31 मार्च 2030 तक के लिए दी जाएंगी, लेकिन ये लाइसेंस हर साल रेन्यूड होंगे। नवीकरण तभी संभव होगा जब संचालक संतोषजनक प्रदर्शन करेंगे और निर्धारित राजस्व लक्ष्य हासिल करेंगे। वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए जारी लाइसेंस 31 मार्च 2026 तक मान्य होंगे। साथ ही हर साल न्यूनतम सुनिश्चित राजस्व में कम-से-कम 10 फीसदी की वृद्धि अनिवार्य होगी।


5 प्रतिशत जमानत, ई-बैंक गारंटी से राहत

वार्षिक राजस्व का 5 प्रतिशत प्रतिभूति राशि के रूप में जमा करना होगा। नए नियमों में यह सुविधा दी गई है कि लाइसेंसधारी किसी अनुसूचित व्यावसायिक बैंक से ई-बैंक गारंटी भी जमा कर सकते हैं, जो 30 सितंबर 2030 तक मान्य होगी। ई-बैंक गारंटी जमा करने पर पहले जमा की गई नकद जमानत राशि वापस कर दी जाएगी, जिससे कारोबारियों को राहत मिलेगी।


निजी बंदोबस्ती न होने पर JSBCL संभालेगी संचालन

यदि किसी जिले में चार प्रयासों के बाद भी दुकानों का निजी आवंटन नहीं हो पाता है, तो उनका संचालन JSBCL करेगी। यह संचालन “नो प्रॉफिट-नो लॉस” के आधार पर होगा और इन दुकानों के लिए न्यूनतम राजस्व लक्ष्य की अनिवार्यता नहीं होगी। दुकानों से प्राप्त आय में से टैक्स और अन्य खर्च घटाने के बाद बची राशि सीधे सरकारी खजाने में जमा की जाएगी।


संचालन, निगरानी और सुरक्षा की विशेष व्यवस्था

JSBCL द्वारा संचालित दुकानों के लिए स्थान का चयन जिला उपायुक्त की अध्यक्षता वाली समिति करेगी। प्रत्येक दुकान में एक प्रभारी और एक सहायक की नियुक्ति प्रतिदिन वेतन पर होगी। सुरक्षा के लिए गृह रक्षा वाहिनी के जवान तैनात किए जाएंगे। साथ ही संचालन को सुचारू रखने के लिए परिवहन एजेंसी, कैश कलेक्शन एजेंसी और ऑडिटर्स की नियुक्ति भी की जा सकती है।

WhatsApp
Connect With WhatsApp Cannel !