Jharkhand: प्रसिद्ध पार्श्व गायिका आशा भोंसले के निधन की खबर सामने आते ही पूरे देश में शोक की लहर दौड़ गई। झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने इस दुखद घटना पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए सोशल मीडिया के माध्यम से उन्हें श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि आशा भोंसले की मधुर और ओजस्वी आवाज ने पीढ़ियों को जोड़ने का काम किया और भारतीय संगीत को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया। उन्होंने यह भी कहा कि आशा जी केवल एक गायिका नहीं, बल्कि अपने आप में एक युग थीं, जिनकी कला और भावनात्मक अभिव्यक्ति हमेशा याद की जाएगी।
वहीं, नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने भी उनके निधन पर दुख व्यक्त करते हुए कहा कि आशा भोंसले ने अपनी सुमधुर आवाज से भारतीय सिनेमा को समृद्ध किया और करोड़ों लोगों के दिलों में अपनी अमिट छाप छोड़ी। उन्होंने दिवंगत आत्मा की शांति और परिजनों को संबल देने की कामना की।
मुंबई के अस्पताल में ली अंतिम सांस
भारतीय संगीत और सिनेमा जगत की दिग्गज गायिका आशा भोंसले का 92 वर्ष की उम्र में मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में निधन हो गया। चिकित्सकों के अनुसार मल्टीपल ऑर्गन फेल्योर के कारण उन्होंने अंतिम सांस ली। जानकारी के मुताबिक उन्हें कार्डियक अरेस्ट के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां इलाज के दौरान रविवार को उनका निधन हो गया।
8 दशक लंबा करियर, हजारों गीतों की विरासत
आशा भोंसले का संगीत सफर करीब आठ दशकों तक चला, जिसमें उन्होंने 20 से अधिक भाषाओं में 12 हजार से ज्यादा गीत गाए। उन्होंने फिल्मी गीतों के साथ-साथ गजल, भजन, पॉप और शास्त्रीय संगीत में भी अपनी अलग पहचान बनाई। “पिया तू अब तो आजा”, “दम मारो दम”, “ये मेरा दिल” और “चुरा लिया है तुमने” जैसे उनके कई गीत आज भी लोगों के दिलों में बसे हुए हैं।
कई बड़े सम्मान से नवाजी गईं, लता मंगेशकर की थीं बहन
आशा भोंसले को उनके योगदान के लिए पद्मश्री, पद्म भूषण और पद्म विभूषण जैसे प्रतिष्ठित सम्मानों से सम्मानित किया गया था। वर्ष 1997 में वह ग्रैमी अवॉर्ड के लिए नामांकित होने वाली पहली भारतीय गायिका बनीं। वे भारत रत्न स्वर कोकिला लता मंगेशकर की छोटी बहन थीं। उनके निधन से संगीत जगत को ऐसी क्षति पहुंची है, जिसकी भरपाई करना बहुत मुश्किल माना जा रहा है।