BREAKING: भारतीय संगीत जगत की अनमोल रत्न आशा भोसले का 92 वर्ष की आयु में निधन हो गया है. वे पिछले कुछ समय से बीमार थीं और मुंबई के कैंडी ब्रीच अस्पताल में भर्ती थीं, जहां मल्टिपल ऑर्गन फेलियर के कारण उन्होंने अंतिम सांस ली. बीजेपी नेता आशीष शेलार ने उनके निधन की पुष्टि की है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी उनके स्वास्थ्य पर चिंता जताई थी. रिपोर्ट्स के अनुसार, आज शाम 4 बजे दादर के शिवाजी पार्क श्मशान भूमि में उनका अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान के साथ किया जाएगा.
8 दशकों का सफर और 12 हजार गानों का रिकॉर्ड
आशा भोसले ने महज 10 साल की उम्र में अपना पहला मराठी गाना रिकॉर्ड किया था और तब से लेकर पिछले 82 वर्षों तक उन्होंने संगीत प्रेमियों के दिलों पर राज किया. अपने करियर में उन्होंने लगभग 12,000 गाने गाए, जो अपने आप में एक विश्व रिकॉर्ड है. उन्होंने पॉप, गजल, शास्त्रीय और बॉलीवुड के हर रंग के गीतों को अपनी आवाज से सजाया. कला के क्षेत्र में उनके अविस्मरणीय योगदान के लिए भारत सरकार ने उन्हें देश के दूसरे सबसे बड़े नागरिक सम्मान “पद्म विभूषण” से नवाजा था.
कला जगत के लिए अपूरणीय क्षति
आशा भोसले का जाना भारतीय फिल्म इंडस्ट्री और संगीत जगत के लिए एक युग का अंत है. साल 2025 में कई दिग्गज कलाकारों को खोने के बाद, 2026 की शुरुआत में यह देश के लिए सबसे बड़ा नुकसान है. उन्होंने न केवल अपनी बड़ी बहन लता मंगेशकर की विरासत को आगे बढ़ाया, बल्कि अपनी एक अलग और वर्सटाइल पहचान बनाई. उनके निधन की खबर फैलते ही देशभर के प्रशंसकों और फिल्मी हस्तियों में शोक की लहर दौड़ गई है.