Seraikela News: सरायकेला के बिरसा मुंडा स्टेडियम में आयोजित तीन दिवसीय राजकीय चैत्र पर्व के उद्घाटन समारोह में जिला प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल खड़े हो गए। कार्यक्रम की शुरुआत दिवंगत पद्मश्री सम्मानित हस्तियों को श्रद्धांजलि देकर की गई, लेकिन उद्घाटन के समय जीवित पद्मश्री सम्मानित दो महिलाओं को मंच पर आमंत्रित नहीं किया गया। इस दौरान सांसद जोबा मांझी, उपायुक्त, पुलिस अधीक्षक और अन्य जनप्रतिनिधि दीप प्रज्वलन करते नजर आए, जबकि सम्मानित महिलाएं दर्शक दीर्घा में बैठी रहीं।
सम्मानित हस्तियों की अनदेखी से बढ़ी असहजता
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कार्यक्रम में मौजूद पद्मश्री सम्मानित महिलाओं को मंच पर बुलाने की कोई औपचारिक घोषणा तक नहीं की गई। इस उपेक्षा से नाराज होकर पद्मश्री चामी मुर्मू कार्यक्रम के बीच ही घर लौट आई। वहीं दूसरी पद्मश्री सम्मानित छुटनी महतो को बाद में दिवंगत पद्मश्री परिजनों के साथ मंच पर बुलाकर सम्मानित किया गया, जिससे स्थिति और बिगड़ गई।
प्रशासन के दोहरे रवैये पर उठे सवाल
स्थानीय लोगों का कहना है कि जब कार्यक्रम की शुरुआत पद्मश्री हस्तियों को श्रद्धांजलि देकर की गई, तो जीवित सम्मानित महिलाओं को मंच पर उचित स्थान न देना प्रशासन के दोहरे रवैये को दिखाता है। इस पूरे घटनाक्रम से नाराज छुटनी महतो ने भी स्पष्ट कहा कि दोबारा बुलाने पर भी वे ऐसे कार्यक्रम में शामिल नहीं होंगी, जिससे प्रशासन की संवेदनशीलता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।