DC Karn Satyarthi Inspection: उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी ने शुक्रवार को समाहरणालय परिसर स्थित राजस्व, निर्वाचन, समाज कल्याण और विधि शाखा समेत दर्जनों कार्यालयों का औचक निरीक्षण किया. इस दौरान उपायुक्त ने खुद उपस्थिति पंजी (अटेंडेंस रजिस्टर) की गहनता से जांच की, जिसमें कई कर्मचारी ड्यूटी से नदारद मिले. डीसी ने अनुपस्थित कर्मियों की सूची तैयार कर उन्हें “कारण बताओ नोटिस” जारी करने का आदेश दिया है. उन्होंने स्पष्ट किया कि संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी.
साफ-सफाई और बायोमीट्रिक हाजिरी पर सख्त निर्देश
निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने कार्यालयों में फैली गंदगी और रजिस्टरों के रखरखाव में लापरवाही पर नाराजगी जताई. उन्होंने सभी कार्यालय प्रधानों को निर्देश दिया कि कर्मचारियों की नियमित बायोमीट्रिक उपस्थिति सुनिश्चित की जाए और दस्तावेजों को व्यवस्थित तरीके से रखा जाए. साथ ही, कार्यालयों में वर्षों से पड़े अनुपयोगी फर्नीचर और खराब मशीनी उपकरणों को चिन्हित कर उनकी तत्काल नीलामी करने के आदेश दिए, ताकि परिसर में जगह खाली हो सके और सरकारी खजाने को राजस्व मिल सके.
नागरिकों से सीधा संवाद और अधिकारियों को ऑन-द-स्पॉट निर्देश
डीसी ने निरीक्षण के दौरान समाहरणालय आए आम नागरिकों से भी मुलाकात की और उनकी समस्याओं को सुना. पार्किंग और वेटिंग एरिया का जायजा लेते हुए उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जनता के बैठने और अन्य बुनियादी सुविधाओं में कोई कमी नहीं होनी चाहिए. इस मौके पर डीडीसी नागेंद्र पासवान समेत कई वरीय पदाधिकारी उपस्थित थे. उपायुक्त के इस औचक कदम से पूरे प्रशासनिक अमले में हड़कंप मचा हुआ है और इसे कार्य संस्कृति में सुधार की दिशा में एक बड़ी पहल माना जा रहा है.