Jharkhand: सरकारी कर्मचारियों के वेतन भुगतान को लेकर वित्त विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। अब बिना सत्यापन के किसी भी कर्मचारी का वेतन जारी नहीं किया जाएगा। वेतन भुगतान की प्रक्रिया शुरू करने के लिए डीडीओ (DDO) स्तर पर कर्मचारियों के ब्योरे का सत्यापन कार्य शुरू कर दिया गया है। इस प्रक्रिया के तहत सभी कर्मचारियों से विस्तृत जानकारी मांगी जा रही है, ताकि उनके दस्तावेजों और सेवा से जुड़े विवरण की सही तरीके से पुष्टि की जा सके।
11 बिंदुओं पर मांगी गई विस्तृत जानकारी
वित्त विभाग द्वारा जारी निर्देश के अनुसार कर्मचारियों से कुल 11 बिंदुओं पर जानकारी मांगी गई है। इसमें उनका नाम, पदनाम, मोबाइल नंबर, जन्म तिथि, नियुक्ति की तिथि, जीपीएफ नंबर, आधार नंबर, पैन नंबर, ई-मेल आईडी, बैंक खाता संख्या और आईएफएससी कोड शामिल हैं। इसके साथ ही कर्मचारियों को आधार कार्ड, पैन कार्ड और बैंक पासबुक के पहले पृष्ठ की फोटो कॉपी या कैंसिल चेक जमा करने के लिए भी कहा गया है, ताकि बैंकिंग और पहचान से जुड़ी सभी जानकारी का मिलान किया जा सके।
फर्जी निकासी के बाद विभाग हुआ सतर्क
दरअसल, प्रधान महालेखाकार की सूचना के आधार पर बोकारो और हजारीबाग में वेतन मद से फर्जी निकासी के मामलों की पुष्टि हुई थी। इन मामलों के सामने आने के बाद वित्त विभाग ने एहतियातन सख्त कदम उठाते हुए वेतन भुगतान पर रोक लगा दी थी। इस कार्रवाई का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि भविष्य में किसी भी प्रकार की वित्तीय अनियमितता न हो और सरकारी खजाने का दुरुपयोग रोका जा सके।
सत्यापन के बाद ही जारी होगा वेतन
वित्त विभाग द्वारा जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि सभी कर्मचारियों के ब्योरे का सत्यापन और संबंधित डीडीओ द्वारा प्रमाणित किए जाने के बाद ही वेतन भुगतान की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इस आदेश के कारण मार्च माह का वेतन फिलहाल रुका हुआ है। अब विभाग की ओर से सत्यापन प्रक्रिया तेजी से पूरी की जा रही है, ताकि जल्द ही कर्मचारियों के वेतन भुगतान को पुनः शुरू किया जा सके।