Jharkhand Treasury Scam: झारखंड के कथित ट्रेजरी घोटाले पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जुबानी जंग छिड़ गई है. भाजपा द्वारा इस मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की एंट्री की मांग किए जाने पर प्रदेश कांग्रेस ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है. कांग्रेस के मीडिया प्रभारी राकेश सिन्हा ने आरोप लगाया कि भाजपा लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ काम कर रही है और विकास कार्यों में बाधा डालने के लिए संवैधानिक संस्थाओं का दुरुपयोग कर रही है. उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि भाजपा प्रवक्ताओं की बयानबाजी से ऐसा लग रहा है जैसे ईडी कोई स्वतंत्र संस्था न होकर भाजपा की ही एक "अनुषंगिक इकाई" बन गई हो.
निष्पक्ष जांच का समर्थन, लेकिन भय के माहौल पर आपत्ति
राकेश सिन्हा ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस पार्टी कानून और संविधान में पूर्ण विश्वास रखती है और सरकार निष्पक्ष जांच के पक्ष में है. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने इस मामले की जांच के आदेश पहले ही दे दिए हैं और जो भी अधिकारी या कर्मचारी दोषी पाया जाएगा, उस पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी. हालांकि, उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि राजनीतिक लाभ के लिए राज्य में "भय का माहौल" बनाना दुर्भाग्यपूर्ण है. कांग्रेस का मानना है कि भाजपा का मुख्य उद्देश्य जांच के बहाने सरकार की छवि को नुकसान पहुंचाना है.
संवैधानिक संस्थाओं की स्वतंत्रता पर उठाया सवाल
कांग्रेस ने भाजपा को नसीहत देते हुए कहा कि जांच एजेंसियों का राजनीतिकरण बंद होना चाहिए. राकेश सिन्हा के अनुसार, भाजपा जिस तरह से जांच के नतीजों से पहले ही बयानबाजी कर रही है, वह जांच की निष्पक्षता पर सवाल खड़े करती है. उन्होंने दोहराया कि राज्य सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है और विभागीय जांच के जरिए सच्चाई जल्द ही सामने आ जाएगी. फिलहाल, इस मामले ने झारखंड की राजनीति में एक नया विवाद खड़ा कर दिया है, जहां आने वाले दिनों में और भी तीखे आरोप-प्रत्यारोप देखने को मिल सकते हैं.