Jamshedpur News: रेलवे सुरक्षा बल (RPF) ने टाटानगर स्टेशन पर छापेमारी कर करीब 75 किलो गांजा बरामद किया है. तस्करी के इस अनोखे तरीके में तस्करों ने गांजे को सोयाबीन के बोरों के बीच छिपा रखा था ताकि किसी को शक न हो. गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अजय कुमार, रवि कुमार उर्फ बेंगा, मोहित कुमार सिंह और राजा सोनार के रूप में हुई है, जो बिहार के पश्चिमी चंपारण (बेतिया) के रहने वाले हैं. आरपीएफ की जांच में खुलासा हुआ है कि ये तस्कर ओडिशा से गांजा लेकर टाटानगर पहुंचे थे और यहां से इसे ट्रेन के जरिए गोरखपुर और बेतिया सप्लाई करने की फिराक में थे.
आरपीएफ पोस्ट कमांडर के नेतृत्व में कार्रवाई, ओडिशा की ट्रेनों पर विशेष नजर
यह सफलता आरपीएफ पोस्ट कमांडर राकेश मोहन के नेतृत्व में मिली है. गुप्त सूचना के आधार पर स्टेशन परिसर में निगरानी बढ़ाई गई थी, जिसके बाद संदिग्धों की तलाशी में यह बड़ी खेप पकड़ी गई. पकड़े गए तस्करों को अग्रिम कार्रवाई के लिए रेल थाना टाटानगर (GRP) को सौंप दिया गया है. आरपीएफ अब इस नेटवर्क की गहराई से पड़ताल कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस अवैध कारोबार के तार ओडिशा के किन इलाकों और उत्तर प्रदेश-बिहार के किन बड़े माफियाओं से जुड़े हैं.
तीन महीने में एक दर्जन तस्कर गिरफ्तार, नशा तस्करी का “हब” बन रहा रूट
टाटानगर स्टेशन पिछले कुछ समय से गांजा तस्करी के खिलाफ कार्रवाई का मुख्य केंद्र बना हुआ है. पिछले तीन महीनों में आरपीएफ ने एक दर्जन से अधिक तस्करों को जेल भेजा है. अधिकारियों के अनुसार, ओडिशा से आने वाली उत्कल, पुरुषोत्तम, नीलांचल और हावड़ा-जगदलपुर एक्सप्रेस जैसी ट्रेनों का उपयोग तस्कर झारखंड, बिहार और उत्तर प्रदेश में माल पहुंचाने के लिए कर रहे हैं. इसे देखते हुए इन रूटों की ट्रेनों में विशेष चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है ताकि नशीले पदार्थों की सप्लाई लाइन को पूरी तरह ध्वस्त किया जा सके.