Jharkhand Panchayat Election: झारखंड की ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने राज्य के आगामी पंचायत चुनावों को लेकर मचे संशय को पूरी तरह खत्म कर दिया है. उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य में पंचायत चुनाव न केवल अपने तय समय पर होंगे, बल्कि सरकार इस बार पिछड़ा वर्ग (OBC) आरक्षण सुनिश्चित करने के बाद ही चुनावी मैदान में उतरेगी. उन्होंने भरोसा दिलाया कि हेमंत सोरेन सरकार पिछड़ों के संवैधानिक हक को लेकर पूरी तरह प्रतिबद्ध है और उनकी भागीदारी के बिना चुनाव कराना मुमकिन नहीं है.
सदन में भी उठा था OBC आरक्षण का मुद्दा
OBC आरक्षण को अपनी प्राथमिकता बताते हुए मंत्री ने कहा कि पिछड़ों के हक की आवाज उन्होंने ही सबसे पहले विधानसभा में ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के जरिए उठाई थी. अब सरकार इस दिशा में धरातल पर ठोस कदम उठा रही है ताकि पिछड़ा वर्ग को उनका उचित प्रतिनिधित्व मिल सके. उन्होंने साफ तौर पर कहा कि बिना पिछड़ों को साथ लिए चुनाव में जाना उनके अधिकारों के साथ खिलवाड़ होगा, जिसे यह सरकार कतई बर्दाश्त नहीं करेगी.
केंद्र को भेजा गया 27 प्रतिशत आरक्षण देने का प्रस्ताव
रणनीतिक स्तर पर जानकारी देते हुए मंत्री ने बताया कि राज्य सरकार ने पंचायत चुनावों में पिछड़ों को 27 प्रतिशत आरक्षण देने का औपचारिक प्रस्ताव तैयार कर केंद्र सरकार को भेज दिया है. सरकार का रुख इस मामले में बहुत स्पष्ट है और वे केंद्र से इस पर जल्द सकारात्मक प्रतिक्रिया की उम्मीद कर रहे हैं. इस ऐतिहासिक कदम से राज्य की ग्रामीण राजनीति में पिछड़ा वर्ग की भूमिका और भी मजबूत और प्रभावी होकर उभरेगी.
वर्तमान में, विभागीय अधिकारियों को चुनाव और आरक्षण से जुड़ी सभी प्रक्रियाओं को युद्ध स्तर पर पूरा करने का निर्देश दिया गया है. झारखंड राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग और राज्य चुनाव आयोग अब जरूरी डेटा इकट्ठा करने और कानूनी मापदंडों को अंतिम रूप देने के आखिरी चरण में हैं. सर्वे की रिपोर्ट और अन्य प्रशासनिक तैयारियों को तेजी से निपटाया जा रहा है ताकि आरक्षण के प्रावधानों को लागू करते हुए चुनाव की तारीखों का एलान समय पर किया जा सके.