Dhanbad: धनबाद के झरिया क्षेत्र में कोयला चोरों के बढ़ते हौसले का खतरनाक उदाहरण सामने आया है। केंदुआडीह थाना क्षेत्र के शिमलाबहाल स्थित कुमार मंगलम स्टेडियम के पास रविवार को स्पेशल ब्रांच के एएसआई अनुज कुमार और उनकी पत्नी पर हमला कर दिया गया। इस घटना ने इलाके में दहशत का माहौल पैदा कर दिया है।
कोयला चोरी रोकने पर हुआ विवाद
जानकारी के अनुसार, ऐना कोलियरी से बीएनआर मार्ग पर कोयला ट्रांसपोर्टिंग के दौरान सक्रिय गिरोह हाईवा वाहनों को जबरन रोककर सड़क पर ही कोयला उतार रहा था।
इसी दौरान सिविल ड्रेस में अपनी पत्नी के साथ वहां से गुजर रहे एएसआई अनुज कुमार ने इसका विरोध किया और रास्ता खाली करने को कहा। इस बात को लेकर अपराधियों से उनकी तीखी बहस हो गई, जो देखते ही देखते हिंसा में बदल गई।
पत्थर और कोयले से किया हमला, पत्नी को भी पीटा
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, विवाद बढ़ने पर बदमाशों ने एएसआई पर हमला कर दिया। उन पर पत्थरों और कोयले के बड़े टुकड़ों से वार किया गया। जब उनकी पत्नी काजल कुमारी उन्हें बचाने के लिए आगे आईं, तो अपराधियों ने उनके साथ भी मारपीट की। इस हमले में दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए।
मदद के लिए तरसते रहे, देर से पहुंची पुलिस
घटना के बाद किसी तरह एएसआई ने खुद को संभालते हुए पुलिस को सूचना दी। आरोप है कि कई बार कॉल करने के बावजूद थाना स्तर पर तुरंत प्रतिक्रिया नहीं मिली।
बाद में स्पेशल ब्रांच के डीएसपी संतोष कुमार मिश्रा, अन्य अधिकारी, स्थानीय पुलिस और CISF की टीम मौके पर पहुंची, लेकिन तब तक हमलावर फरार हो चुके थे।
अस्पताल में भर्ती, लोगों में डर का माहौल
घायल एएसआई और उनकी पत्नी को इलाज के लिए SNMMCH अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना के बाद इलाके के लोगों में भय और आक्रोश दोनों देखा जा रहा है।
लंबे समय से चल रहा है अवैध कोयला कारोबार
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस इलाके में लंबे समय से कोयला चोरी का खेल खुलेआम चल रहा है। दिन-रात हाईवा वाहनों को रोककर कोयला उतार लिया जाता है, लेकिन इस पर सख्त कार्रवाई नहीं हो पाई है। यह पूरा नेटवर्क संगठित तरीके से काम करता है, जिससे आम लोगों के साथ-साथ अब पुलिसकर्मी भी सुरक्षित नहीं रह गए हैं।
पुलिस जांच में जुटी, कार्रवाई का भरोसा
केंदुआडीह थाना प्रभारी प्रमोद पांडेय ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। लिखित शिकायत मिलने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
व्यवस्था पर बड़ा सवाल
यह घटना केवल एक आपराधिक वारदात नहीं, बल्कि कानून-व्यवस्था पर बड़ा सवाल भी खड़ा करती है। जब एक पुलिस अधिकारी और उसका परिवार ही सुरक्षित नहीं है, तो आम जनता की सुरक्षा को लेकर चिंता स्वाभाविक है। कोयला चोरों की बढ़ती दबंगई अब प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती बनती जा रही है।