Jharkhand: झारखंड सरकार में उद्योग, श्रम नियोजन, प्रशिक्षण एवं कौशल विकास विभाग के मंत्री और गोड्डा से राजद विधायक संजय प्रसाद यादव ने अपनी ही सरकार के कामकाज पर सवाल खड़े करते हुए अवैध बालू और पत्थर खनन के मुद्दे को गंभीरता से उठाया है। उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
विधायक के पत्र के बाद बढ़ा मामला
यह मुद्दा उस समय और तूल पकड़ गया जब कांग्रेस विधायक दल के नेता और पोड़ेयाहाट विधायक प्रदीप यादव ने गोड्डा के उपायुक्त को पत्र लिखकर एक बालू घाट पर बड़े पैमाने पर अवैध खनन का आरोप लगाया। पत्र में दावा किया गया कि केवल एक घाट से ही प्रतिदिन लगभग 27 लाख रुपये की अवैध कमाई हो रही है।
इस पर प्रतिक्रिया देते हुए मंत्री संजय प्रसाद यादव ने कहा कि मामला सिर्फ एक घाट तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे जिले में इस तरह की गतिविधियां चल रही हैं।
संथाल परगना में "जोरों पर" अवैध कारोबार
एक निजी चैनल से बातचीत में मंत्री ने साफ कहा कि संथाल परगना क्षेत्र में अवैध बालू और पत्थर का कारोबार तेजी से फैल रहा है। उन्होंने चिंता जताई कि यह केवल आर्थिक नुकसान का मामला नहीं है, बल्कि इससे लोगों की जान भी जा रही है।
उनके अनुसार, अवैध खनन में लगे हाइवा और ट्रक अक्सर पकड़ से बचने के लिए तेज रफ्तार में भागते हैं, जिससे सड़क हादसे हो रहे हैं और निर्दोष लोग इसकी चपेट में आ रहे हैं।
“दोषी कोई भी हो, कार्रवाई हो”
मंत्री संजय प्रसाद यादव ने मुख्यमंत्री से अपील करते हुए कहा कि इस पूरे मामले की गहराई से जांच होनी चाहिए और जो भी दोषी पाया जाए चाहे वह कोई अधिकारी हो, जनप्रतिनिधि हो या खुद वे ही क्यों न हों सबके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
थानेदार पर भी उठाए सवाल
मंत्री ने महगामा थाना क्षेत्र से जुड़ा एक मामला भी उठाया। उन्होंने बताया कि उन्होंने पहले एक थानेदार के खिलाफ शिकायत की थी, लेकिन इसके बावजूद उसी अधिकारी को दोबारा उसी क्षेत्र में पदस्थापित कर दिया गया। इससे व्यवस्था पर सवाल खड़े होते हैं।
आरोपों पर दी सफाई
वहीं अपने ऊपर लग रहे आरोपों को लेकर मंत्री ने स्पष्ट किया कि महालक्ष्मी ट्रांसपोर्ट नामक संस्था से उनका या उनके परिवार का कोई संबंध नहीं है। उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ जानबूझकर गलत अफवाहें फैलाई जा रही हैं, जिससे उनकी छवि को नुकसान पहुंचाया जा सके।
अवैध कारोबार पर रोक की मांग
अंत में मंत्री ने कहा कि क्षेत्र में चल रहे इस “काले धंधे” को हर हाल में बंद किया जाना चाहिए। उन्होंने सरकार से सख्त कदम उठाने की अपील करते हुए कहा कि इससे न सिर्फ राजस्व का नुकसान हो रहा है, बल्कि आम जनता की सुरक्षा भी खतरे में है।