Adityapur: आदित्यपुर के विद्युत नगर बस्ती के समीप रेलवे लाइन किनारे इन दिनों एक गंभीर पर्यावरणीय समस्या लोगों की चिंता का कारण बनी हुई है। यहां खुलेआम औद्योगिक कचड़े को डंप कर जलाया जा रहा है, जिससे निकलने वाला जहरीला धुआं पूरे इलाके में फैल रहा है।
जहरीले धुएं से लोगों का जीना हुआ मुश्किल
इस जहरीले धुएं का सबसे ज्यादा असर विद्युत नगर बस्ती में रहने वाले मजदूर वर्ग के लोगों पर पड़ रहा है। रोजाना इस धुएं के बीच रहने को मजबूर लोग सांस लेने में दिक्कत, आंखों में जलन और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे हैं।
पास ही स्थित आशियाना आदित्य के निवासियों ने भी इस समस्या को लेकर चिंता जताई है। उनका कहना है कि धुआं धीरे-धीरे पूरे इलाके में फैल जाता है, जिससे बच्चों और बुजुर्गों की सेहत पर बुरा असर पड़ रहा है।
पहले भी हुआ विरोध, फिर शुरू हुआ कचड़ा जलाना
स्थानीय लोगों के अनुसार, यह समस्या नई नहीं है। कुछ समय पहले भी यहां औद्योगिक कचड़ा डंप कर जलाया जा रहा था, जिसका विरोध बस्तीवासियों ने किया था। विरोध के बाद कुछ दिनों तक यह काम बंद रहा और नगर निगम की टीम ने भी मौके का निरीक्षण किया था।
लेकिन अब फिर से उसी जगह पर कचड़ा फेंकने और जलाने का सिलसिला शुरू हो गया है, जिससे लोगों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है।
सुबह-सुबह चुपचाप होता है पूरा खेल
स्थानीय लोगों का आरोप है कि सुबह के समय चुपचाप यहां कचड़ा लाकर डंप किया जाता है और फिर उसे आग के हवाले कर दिया जाता है। एक बार आग लगने के बाद कचड़ा लंबे समय तक जलता रहता है और जहरीला धुआं लगातार निकलता रहता है।
प्रशासन की चुप्पी पर उठ रहे सवाल
सबसे हैरानी की बात यह है कि इतने बड़े स्तर पर हो रहे इस प्रदूषण के बावजूद नगर निगम और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। इससे स्थानीय लोगों में नाराजगी है और वे जल्द से जल्द इस पर रोक लगाने की मांग कर रहे हैं।
स्वास्थ्य और पर्यावरण दोनों पर खतरा
विशेषज्ञों के अनुसार, औद्योगिक कचड़े को खुले में जलाने से निकलने वाला धुआं बेहद खतरनाक होता है, जो फेफड़ों और त्वचा से जुड़ी गंभीर बीमारियों का कारण बन सकता है।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द इस मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए और इस तरह के प्रदूषण पर स्थायी रोक लगाई जाए, ताकि क्षेत्र के लोगों को सुरक्षित और स्वच्छ वातावरण मिल सके।