CBSE New Rules: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने 10वीं कक्षा के विद्यार्थियों के लिए एक बड़ा और राहत भरा फैसला लिया है. अब छात्रों को अपने शैक्षणिक प्रदर्शन और अंकों में सुधार करने के लिए पूरा एक साल इंतजार नहीं करना पड़ेगा. बोर्ड ने पहली बार "सेकंड बोर्ड परीक्षा" का विकल्प पेश किया है. यदि किसी छात्र को अपने मुख्य परीक्षा के परिणाम को लेकर असंतुष्टि या शंका है, तो वह इस सुनहरे अवसर का लाभ उठा सकता है.
31 मार्च शाम 5 बजे तक ईमेल से भेजनी होगी सूची
बोर्ड द्वारा जारी आधिकारिक गाइडलाइन के अनुसार, इस विशेष परीक्षा में शामिल होने के इच्छुक छात्र-छात्राओं को अपने संबंधित स्कूलों के माध्यम से ही आवेदन करना होगा. सीबीएसई ने सभी संबद्ध स्कूलों को सख्त निर्देश दिया है कि वे इच्छुक विद्यार्थियों की सूची तैयार कर 31 मार्च 2026 की शाम 5:00 बजे तक हर हाल में ईमेल के जरिए बोर्ड मुख्यालय को प्रेषित कर दें. यह विशेष परीक्षा मई 2026 माह में आयोजित होने की प्रबल संभावना है.
सप्लीमेंट्री का झंझट खत्म: अब अधिकतम 3 विषयों में दे सकेंगे परीक्षा
अब तक सीबीएसई की व्यवस्था के तहत कंपार्टमेंट या सप्लीमेंट्री परीक्षा में छात्र केवल एक ही विषय में दोबारा परीक्षा दे सकते थे. लेकिन इस नई क्रांतिकारी व्यवस्था के तहत छात्र साइंस, मैथ्स, सोशल साइंस और विभिन्न भाषाओं में से अधिकतम 3 विषयों में दोबारा परीक्षा देकर अपनी मार्कशीट और डिवीजन को बेहतर बना सकेंगे. जमशेदपुर के डीएवी बिष्टुपुर की प्रिंसिपल प्रज्ञा सिंह और जेपीएस बारीडीह की प्रिंसिपल नमिता अग्रवाल ने बताया कि स्कूलों ने अपने स्तर पर छात्रों को जागरूक कर दिया है और आवेदन की प्रक्रिया तेजी से चल रही है.
कड़े नियमों के बीच केवल नियमित छात्रों को ही मिलेगा मौका
इस विशेष परीक्षा में शामिल होने के लिए बोर्ड ने कुछ कड़े और जरूरी नियम तय किए हैं. यह परीक्षा केवल उन्हीं नियमित विद्यार्थियों के लिए होगी, जिन्होंने इस साल की मुख्य पहली बोर्ड परीक्षा में भाग लिया है. जिन छात्रों ने मुख्य परीक्षा के दौरान किन्हीं कारणों से 3 या उससे अधिक विषयों की परीक्षा छोड़ दी थी, वे इस सेकंड बोर्ड परीक्षा के हकदार नहीं होंगे. उन्हें अगले साल की मुख्य परीक्षा का ही इंतजार करना होगा. इसके अलावा जिन छात्रों का रिजल्ट "कंपार्टमेंट" आया है, वे भी इस परीक्षा में बैठकर अपना साल बचा सकते हैं. स्कूलों द्वारा भेजी जाने वाली कैंडिडेट लिस्ट में किसी भी नए छात्र का नाम नहीं जोड़ा जा सकेगा और न ही व्यक्तिगत विवरण में किसी सुधार की अनुमति होगी.
रिजल्ट के बाद फीस जमा करने के लिए मिलेंगे सिर्फ 5 दिन
शेड्यूल के मुताबिक, पहले चरण का परिणाम घोषित होने के अगले ही दिन से ठीक 5 दिनों के भीतर छात्रों को परीक्षा शुल्क जमा करना होगा. इसी तय समय सीमा में स्कूलों को फीस और फाइनल लिस्ट बोर्ड को फॉरवर्ड करनी होगी. यदि कोई स्कूल इस डेडलाइन को चूक जाता है, तो परिणाम जारी होने के सातवें दिन से लेकर अगले 2 दिनों तक भारी विलंब शुल्क के साथ आवेदन स्वीकार किए जाएंगे.