Jharkhand News: राज्य सरकार ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से बड़ा फैसला लिया है.15वें वित्त आयोग की अनुशंसाओं के तहत स्वास्थ्य प्रक्षेत्र अनुदान में लगभग 116.58 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई है. यह बजट खास तौर पर राज्य के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (PHC) में आधुनिक जांच सुविधाएं विकसित करने के लिए खर्च किया जाएगा.
सरकार का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को उनके नजदीक ही बेहतर स्वास्थ्य जांच की सुविधा उपलब्ध कराना है. अभी तक कई प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में जरूरी डायग्नोस्टिक उपकरणों की कमी के कारण मरीजों को जिला अस्पताल या निजी संस्थानों का रुख करना पड़ता है. इस नई पहल से एक्स-रे, ब्लड टेस्ट, बेसिक पैथोलॉजी जैसी जरूरी जांच सुविधाएं स्थानीय स्तर पर ही उपलब्ध हो सकेंगी.
सभी कार्य इंडियन पब्लिक हेल्थ स्टैंडर्ड अनुरूप किए जाएंगे
इस योजना के तहत सभी कार्य इंडियन पब्लिक हेल्थ स्टैंडर्ड (IPHS) के मानकों के अनुरूप किए जाएंगे. इसका मतलब है कि उपकरणों की गुणवत्ता, उनकी स्थापना, और सेवा देने की प्रक्रिया एक तय राष्ट्रीय स्तर के मानकों के अनुसार होगी, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में एकरूपता और सुधार सुनिश्चित किया जा सके.
क्रियान्वयन की जिम्मेदारी जिला परिषदों को
योजना के क्रियान्वयन की जिम्मेदारी जिला परिषदों को दी गई है. जिला परिषद अपने-अपने जिलों में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों की जरूरतों का आकलन कर आवश्यक उपकरणों की खरीद और स्थापना सुनिश्चित करेंगी. साथ ही यह भी ध्यान रखा जाएगा कि इस राशि का उपयोग किसी अन्य सरकारी योजना के तहत पहले से किए जा रहे कार्यों के लिए न हो, ताकि फंड का दोहराव और दुरुपयोग रोका जा सके.
सरकार को उम्मीद है कि इस पहल से प्राथमिक स्तर पर ही बीमारियों की पहचान आसान होगी, मरीजों को समय पर इलाज मिल सकेगा और बड़े अस्पतालों पर पड़ने वाला दबाव भी कम होगा. इससे न केवल स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ेगी, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों का समय और पैसा दोनों बचेगा.
कुल मिलाकर, यह कदम राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था को जमीनी स्तर पर मजबूत करने और आम जनता को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है.