Seraikela News: सरायकेला-खरसावां जिले के राजनगर-कुनाबेड़ा मार्ग पर शनिवार शाम एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया. फ्लाई ऐश (राख) से लदा एक 12 चक्का भारी हाईवा अचानक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पलट गया. गनीमत यह रही कि इस भयानक दुर्घटना में वाहन के चालक को खरोंच तक नहीं आई और उसे सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, जिससे एक बड़ी जनहानि होने से बच गई.
बैक करने के दौरान बिगड़ा संतुलन, मची अफरा-तफरी
स्थानीय सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह घटना शनिवार शाम करीब 7:00 बजे राजनगर-कुनाबेड़ा मार्ग पर टांगरानी गांव के पास घटी. प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि हाईवा को बैक करने के प्रयास में अचानक चालक का नियंत्रण स्टीयरिंग से छूट गया और भारी-भरकम वाहन सड़क किनारे गड्ढे में जा गिरा. दुर्घटना की आवाज सुनकर टांगरानी गांव के ग्रामीण तुरंत मौके पर जुटे और सूझबूझ दिखाते हुए केबिन में फंसे चालक को सकुशल बाहर निकाला.
सड़कें जर्जर और उड़ती राख से सांस लेना दूभर
इस हादसे ने एक बार फिर इलाके में धड़ल्ले से चल रहे ओवरलोडेड वाहनों के परिचालन पर सवाल खड़े कर दिए हैं. स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि इस संकीर्ण मार्ग पर रोजाना सैकड़ों की संख्या में फ्लाई ऐश लदे हाईवा बेतरतीब तरीके से गुजरते हैं. इससे न केवल सड़कें समय से पहले टूटकर जर्जर हो रही हैं, बल्कि उड़ती हुई राख ने पूरे इलाके के पर्यावरण को प्रदूषित कर दिया है. हवा में तैरते बारीक कणों के कारण बच्चों और बुजुर्गों को सांस संबंधी गंभीर बीमारियों का सामना करना पड़ रहा है.
प्रशासन से सख्त कार्रवाई और नो-एंट्री की मांग
हादसे के बाद ग्रामीणों का गुस्सा सातवें आसमान पर है. उन्होंने जिला प्रशासन और परिवहन विभाग से मांग की है कि रिहायशी इलाकों से गुजरने वाले इन भारी वाहनों की रफ्तार और वजन पर सख्त अंकुश लगाया जाए. ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि प्रदूषण फैलाने वाले और नियमों का उल्लंघन करने वाले इन हाईवा मालिकों के खिलाफ प्रशासन जल्द ही कड़ी कानूनी कार्रवाई नहीं करता है, तो वे सड़क जाम कर आंदोलन करने को बाध्य होंगे.