Jamshedpur: एमजीएम मेडिकल कॉलेज के जन्म एवं मृत्यु प्रमाणपत्र विभाग में हाल के दिनों में कुछ सुधार जरूर देखने को मिला है, लेकिन स्थिति अब भी पूरी तरह सामान्य नहीं हो सकी है। फिलहाल तीन हजार से अधिक जन्म प्रमाणपत्र बनना बाकी है, जिससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
उपायुक्त की जांच में सामने आई थी बड़ी लापरवाही
जन्म प्रमाणपत्र जारी करने में देरी को लेकर लगातार शिकायतें उपायुक्त समेत विभिन्न स्तरों पर पहुंच रही थीं। मामले की जांच के दौरान प्रशासन ने गंभीर अनियमितता पाई, जिसके बाद तीन कर्मचारियों का वेतन रोक दिया गया और लंबित कार्य को जल्द पूरा करने का निर्देश दिया गया।
2021 से 2026 तक के हजारों आवेदन थे लंबित
जांच में यह भी सामने आया कि वर्ष 2021 से 2026 के बीच करीब पांच हजार से अधिक जन्म प्रमाणपत्र लंबित थे। इसी वजह से रोजाना बड़ी संख्या में लोग अस्पताल पहुंचते थे, लेकिन बिना प्रमाणपत्र के ही लौटने को मजबूर हो जाते थे।
आवेदन के बाद भी भटक रहे थे लोग
कई आवेदकों ने समय पर आवेदन देने के बावजूद प्रमाणपत्र नहीं मिलने की शिकायत की थी। लोग लगातार अधीक्षक और उपाधीक्षक से गुहार लगाते रहे, लेकिन समस्या का समाधान समय पर नहीं हो सका।
अतिरिक्त कर्मचारियों की मदद से काम में तेजी
स्थिति को सुधारने के लिए उपाधीक्षक डॉ. जुझार मांझी ने अन्य कर्मचारियों को भी इस कार्य में लगाया है। इसके बाद काम में तेजी आई है और लंबित आवेदनों को निपटाने की प्रक्रिया जारी है।
अब भी 3 हजार से अधिक प्रमाणपत्र लंबित
उपाधीक्षक के अनुसार, अब भी तीन हजार से अधिक जन्म प्रमाणपत्र तैयार किए जाने बाकी हैं। अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि इस कार्य को जल्द से जल्द पूरा किया जाए, ताकि लोगों को राहत मिल सके।
यह मामला सरकारी विभागों में कार्यप्रणाली और जवाबदेही को लेकर सवाल खड़ा करता है, हालांकि प्रशासनिक हस्तक्षेप के बाद अब स्थिति धीरे-धीरे सुधरती नजर आ रही है।