Petrol-Diesel Price Hike: मध्य पूर्व में करीब 27 दिनों से चल रहे भू-राजनीतिक तनाव का प्रभाव अब भारत के ऊर्जा क्षेत्र पर भी साफ दिखाई देने लगा है। शुरुआत में एलपीजी सिलेंडरों की आपूर्ति और पेट्रोल-डीजल की उपलब्धता को लेकर चिंताएं सामने आई थीं, जिससे आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। हालांकि सरकार ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा है कि देश में ईंधन की कोई कमी नहीं है और आपूर्ति पूरी तरह सामान्य है।
वैश्विक तेल कीमतों में तेज उछाल
बताया जा रहा है कि 28 फरवरी के बाद से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में करीब 50 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी हुई है। यह उछाल उस समय शुरू हुआ जब अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई की खबरें सामने आईं। इसके बाद से वैश्विक तेल बाजार में अस्थिरता बनी हुई है और सप्लाई चेन पर भी असर पड़ा है।
नायरा एनर्जी ने बढ़ाए दाम
इस बढ़ती लागत के दबाव के बीच निजी क्षेत्र की कंपनी Nayara Energy ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में वृद्धि का फैसला लिया है। कंपनी ने पेट्रोल के दाम में 5 रुपये प्रति लीटर और डीजल में 3 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की है।
टैक्स के कारण राज्यों में अलग-अलग असर
हालांकि यह बढ़ोतरी सभी जगह एक समान नहीं है। वैट और अन्य करों के अंतर के कारण अलग-अलग राज्यों में कीमतों में वास्तविक बढ़ोतरी अलग-अलग देखी जा रही है। कुछ राज्यों में पेट्रोल के दाम में यह वृद्धि 5.30 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच गई है।
देशभर में हजारों पंप संचालित करती है कंपनी
नायरा एनर्जी देश के कुल 1 लाख से अधिक पेट्रोल पंपों में से करीब 6,967 पंपों का संचालन करती है। ऐसे में कंपनी के इस फैसले का असर देश के कई हिस्सों में उपभोक्ताओं पर सीधे तौर पर पड़ेगा।
अन्य निजी कंपनियों ने अभी रोके दाम
जहां नायरा ने कीमतों में बढ़ोतरी की है, वहीं Reliance Industries और BP जैसी कंपनियों ने अभी तक खुदरा कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया है। हालांकि ये कंपनियां भी बिक्री पर नुकसान झेल रही हैं।
सरकारी कंपनियों ने बनाए रखी स्थिरता
देश के ईंधन बाजार में लगभग 90 प्रतिशत हिस्सेदारी रखने वाली सरकारी तेल कंपनियों ने फिलहाल कीमतों को स्थिर बनाए रखा है। सरकार की ओर से इन कंपनियों को “अच्छे कॉर्पोरेट नागरिक” के रूप में कार्य करने का समर्थन मिलता है, जिससे वे कुछ समय तक कीमतों को नियंत्रित रख पाती हैं।
निजी कंपनियों को नहीं मिलता मुआवजा
सूत्रों के मुताबिक, निजी ईंधन विक्रेताओं को कीमतों को नियंत्रित रखने के कारण होने वाले नुकसान की भरपाई के लिए सरकार से कोई आर्थिक सहायता नहीं मिलती। ऐसे में लागत बढ़ने के साथ उनके लिए कीमतों में इजाफा करना मजबूरी बन जाता है।
प्रीमियम पेट्रोल भी हुआ महंगा
वैश्विक आपूर्ति में आई बाधाओं के बीच प्रीमियम पेट्रोल की कीमतों में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। कंपनियों ने प्रीमियम फ्यूल के दाम में करीब 2.35 रुपये प्रति लीटर तक का इजाफा किया है, जिसे तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है।
आगे भी बढ़ सकते हैं दाम
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि मध्य पूर्व में तनाव जारी रहता है और कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी बनी रहती है, तो आने वाले दिनों में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में और वृद्धि संभव है। ऐसे में आम उपभोक्ताओं पर महंगाई का अतिरिक्त बोझ पड़ सकता है।