Jharkhand News: झारखंड सरकार ने राज्य के सभी 24 जिलों में सरकारी योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन, अनुश्रवण (Monitoring) और मूल्यांकन के लिए “प्लानिंग फेलो” तैनात करने का निर्णय लिया है. इन पेशेवरों की मुख्य भूमिका जिला स्तर पर प्रशासनिक अधिकारियों को तकनीकी और डेटा-आधारित सहयोग प्रदान करना होगा. संविदा के आधार पर होने वाली इन नियुक्तियों से जिलों में विकास योजनाओं को जमीनी स्तर पर उतारने और लक्ष्यों को समय सीमा के भीतर प्राप्त करने में बड़ी मदद मिलेगी.
जिला योजना कार्यालयों में होगी नियुक्ति, पीएमयू का भी होगा गठन
सरकार की योजना के अनुसार, सबसे पहले प्रत्येक जिला योजना कार्यालय में एक-एक प्लानिंग फेलो की नियुक्ति की जाएगी. इसके साथ ही, विभिन्न विभागों में प्रोजेक्ट मैनेजमेंट यूनिट (PMU) बनाने के प्रस्ताव को भी हरी झंडी दे दी गई है. ये फेलो निर्धारित मानकों के अनुरूप परिणाम सुनिश्चित करने और योजनाओं की प्रगति का सतत मूल्यांकन करने के लिए जिम्मेदार होंगे. इससे जिला प्रशासन की कार्यक्षमता में सुधार आने और सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचने की उम्मीद है.
बाधाएं दूर करने और डिस्ट्रिक्ट प्रोफाइल तैयार करने में मिलेगी मदद
ये पदाधिकारी जिला योजना कार्यालयों में आ रही तकनीकी कठिनाइयों को दूर करने में सहायक सिद्ध होंगे. इनका एक महत्वपूर्ण कार्य जिला स्तर पर एक “अधिकृत डेटा बैंक” तैयार करना होगा, जिसके आधार पर विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया जा सके. इस डेटा के जरिए प्रत्येक जिले का एक विस्तृत “डिस्ट्रिक्ट प्रोफाइल” तैयार किया जाएगा, जो भविष्य की योजनाओं और बजट आवंटन के लिए एक ठोस आधार प्रदान करेगा.
आउटसोर्सिंग के जरिए होगी बहाली, 50 लाख का बजट आवंटित
इन कर्मियों की नियुक्ति “बाह्य स्रोत” (Outsourcing) के माध्यम से की जाएगी और इनकी सेवा शर्तें “आकांक्षी प्रखंड कार्यक्रम” के तर्ज पर निर्धारित होंगी. राज्य सरकार ने इस पूरी प्रक्रिया के लिए 50 लाख रुपये का प्रारंभिक बजट आवंटित कर योजना विभाग को सौंप दिया है. जल्द ही विभाग की ओर से नियुक्ति के विस्तृत दिशा-निर्देश और चयन प्रक्रिया जारी की जाएगी. यह कदम झारखंड में प्रशासनिक सुधार और डिजिटल गवर्नेंस को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है.