Jharkhand News: झारखंड के पश्चिम सिंहभूम जिले के गुदड़ी थाना क्षेत्र के कमरोड़ा गांव में एक सनसनीखेज घटना सामने आई है. यहां 35 वर्षीय नामजन बरजो ने अपनी 60 वर्षीय मां मेरी बरजो की बेरहमी से हत्या कर दी और शव को घर के आंगन में जलाने की कोशिश की. घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है.
वारदात कैसे हुई
मिली जानकारी के अनुसार, घटना के समय गांव के अधिकांश लोग खूंटी जिले के रनिया बाजार गए हुए थे. इसी का फायदा उठाकर आरोपी ने अपनी मां पर हमला कर दिया. उसने पहले लाठी-डंडों से पिटाई की, फिर दाउली (धारदार हथियार) से वार कर उनकी हत्या कर दी. इसके बाद घर के पीछे आंगन में लकड़ियां इकट्ठा कर शव को जला दिया.
चश्मदीद ने क्या बताया
घटना की प्रत्यक्षदर्शी और आरोपी के छोटे भाई की पत्नी हीरामनी ओड़िया ने बताया कि उस समय गांव लगभग खाली था. उनकी चीख-पुकार सुनने वाला कोई नहीं था. इसी का फायदा उठाकर आरोपी ने वारदात को अंजाम दिया.
घटना के बाद फरार
वारदात के बाद आरोपी खूंटी जिले के रनिया की ओर भाग गया. गुदड़ी और रनिया पुलिस की टीम मिलकर उसकी तलाश में छापेमारी कर रही है.
पुलिस जांच और फोरेंसिक कार्रवाई
पुलिस ने घटनास्थल से जले हुए अवशेषों को जब्त कर फोरेंसिक जांच के लिए भेजा है. ताकि वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर पूरे मामले की पुष्टि की जा सके.
परिवार और गांव में दहशत
परिजनों के अनुसार आरोपी का व्यवहार पहले से ही हिंसक रहा है. उसके डर से उसका भाई और भतीजा गांव छोड़कर भाग गए हैं. ग्रामीण भी उससे डरते हैं और उसे देखते ही रास्ता बदल लेते हैं.
पहले भी कर चुका है हत्या
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, करीब 8–10 साल पहले आरोपी ने अपने पिता की भी कुल्हाड़ी से हत्या कर दी थी. उस समय उसे मानसिक रूप से अस्थिर मानते हुए रांची के RINPAS में भर्ती कराया गया था. इलाज के बाद वह घर लौटा, लेकिन उसका हिंसक स्वभाव खत्म नहीं हुआ.
विवाद बना हत्या की वजह
प्रारंभिक जांच में महुआ चुनने को लेकर हुए विवाद को हत्या की मुख्य वजह माना जा रहा है.
यह घटना न सिर्फ एक गंभीर आपराधिक मामला है, बल्कि यह समाज में बढ़ती पारिवारिक हिंसा और मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े सवालों को भी सामने लाती है.