Jharkhand News: पश्चिमी सिंहभूम जिला प्रशासन ने अवैध खनन, परिवहन और भंडारण के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. जिला खनन टास्क फोर्स की बैठक में खनिजों की लूट रोकने के लिए कड़े निर्देश दिए गए हैं. चालू वित्तीय वर्ष के लिए 6644.13 करोड़ राजस्व का लक्ष्य तय किया गया है, जिसके मुकाबले अब तक मात्र 3374.45 करोड़ ही जुटाए जा सके हैं. इससे पहले के वित्तीय वर्ष में भी लक्ष्य के मुकाबले केवल 59.85% ही वसूली हो पाई थी.
खदानों के संचालन में भारी गिरावट
जिले में खदानों के संचालन को लेकर चौंकाने वाली रिपोर्ट सामने आई है. रिपोर्ट के मुताबिक, वर्तमान में लौह अयस्क की मात्र 6 और पत्थर की केवल 2 से 3 खदानें ही सक्रिय हैं. वहीं, 9 लौह अयस्क और 11 चूना पत्थर समेत कई अन्य पत्थर खदानें पूरी तरह बंद पड़ी हैं. बंद पड़ी लीज और विशेष रूप से सेल की खदानों में विस्फोटक सामग्री की सुरक्षा को लेकर प्रशासन सतर्क है और इसकी संयुक्त जांच के आदेश दिए गए हैं.
अवैध परिवहन पर प्रहार और करोड़ों की जब्ती
अवैध गतिविधियों पर लगाम लगाने के लिए टास्क फोर्स ने अब तक 267 बार औचक छापेमारी की है. इस कार्रवाई के दौरान बालू, पत्थर और लौह अयस्क के अवैध ढुलाई में लगे 204 वाहनों को जब्त किया गया है. प्रशासन ने अब तक 125 प्राथमिकी (FIR) दर्ज की है और जुर्माने के तौर पर 22.31 लाख वसूले हैं. इसके अतिरिक्त, जब्त किए गए बालू की नीलामी से भी सरकार को 16.10 लाख का राजस्व प्राप्त हुआ है.
बालू संकट दूर करने के लिए नई रणनीति
जिले में चल रहे विकास कार्यों के लिए बालू की किल्लत दूर करना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती है. सात बालू घाटों के लिए पांच बार टेंडर निकाला गया, लेकिन किसी भी ठेकेदार ने रुचि नहीं दिखाई. इसे देखते हुए उपायुक्त ने अब अन्य जिलों की तर्ज पर प्रत्येक बालू घाट की अलग-अलग ई-नीलामी करने का निर्देश दिया है. उम्मीद है कि इस नई व्यवस्था से बिडर आगे आएंगे और बालू का संकट खत्म होगा.