Jamshedpur News: जमशेदपुर एरिया बोर्ड के करीब 8 लाख उपभोक्ताओं को बिजली कटौती और तकनीकी खराबी से राहत दिलाने के लिए झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड (JVBNL) एक नई और प्रभावी व्यवस्था लागू करने जा रहा है. अब उपभोक्ताओं को अपनी शिकायत दर्ज कराने के लिए विभागीय अधिकारियों के व्यक्तिगत नंबरों पर निर्भर नहीं रहना होगा, बल्कि एक टोल फ्री नंबर के जरिए उनकी समस्याओं का सीधा समाधान किया जाएगा.
कंट्रोल रूम से होगी सीधी निगरानी और तय होगी जवाबदेही
नई व्यवस्था के तहत एरिया बोर्ड स्तर पर एक केंद्रीकृत कंट्रोल रूम और टोल फ्री नंबर संचालित किया जाएगा. यहां दर्ज होने वाली शिकायतों को सीधे संबंधित क्षेत्र के अधिकारियों के पास भेजा जाएगा. विभाग ने विशेष रूप से यह लक्ष्य रखा है कि शहर में किसी भी जले हुए ट्रांसफॉर्मर को हर हाल में 24 घंटे के भीतर बदल दिया जाए. यदि तय समय सीमा के अंदर समस्या का समाधान नहीं होता है, तो जिम्मेदार अधिकारी को मुख्यालय को इसका स्पष्ट कारण बताना होगा.
रोजाना आती हैं 200 से अधिक शिकायतें
जमशेदपुर एरिया बोर्ड में बिजली की वर्तमान स्थिति काफी चुनौतीपूर्ण है. आंकड़ों के अनुसार हर दिन लगभग 40 से 50 ट्रांसफॉर्मर जलने की शिकायतें प्राप्त हो रही हैं. इसके अलावा विभिन्न कार्यालयों में प्रतिदिन 150 से अधिक बिजली संबंधी अन्य शिकायतें जैसे लो वोल्टेज और तार टूटने की दर्ज की जाती हैं. गर्मी के मौसम में उपभोक्ताओं को अक्सर कई घंटों तक बिजली कटौती का सामना करना पड़ता है, जिसे दूर करने के लिए यह पहल की जा रही है.
फोन न उठाने की समस्या से मिलेगी उपभोक्ताओं को मुक्ति
अक्सर उपभोक्ताओं की यह आम शिकायत रहती है कि बिजली बाधित होने पर विभागीय अधिकारी फोन नहीं उठाते या समस्या के समाधान में अत्यधिक विलंब करते हैं. जेवीबीएनएल के महाप्रबंधक अजीत कुमार ने बताया कि नई कंट्रोल रूम आधारित व्यवस्था लागू होने से अधिकारियों की जवाबदेही सुनिश्चित होगी. यह पूरी प्रक्रिया मुख्यालय स्तर से मॉनिटर की जाएगी, जिससे काम में तेजी आएगी और उपभोक्ताओं को अनावश्यक भागदौड़ नहीं करनी पड़ेगी.
8 लाख उपभोक्ताओं को बेहतर सेवा देने की तैयारी
जमशेदपुर के विशाल उपभोक्ता आधार को देखते हुए निगम अपनी बुनियादी संरचना को आधुनिक बना रहा है. टोल फ्री नंबर शुरू होने से न केवल शिकायत दर्ज करना आसान होगा, बल्कि यह गर्मी के दिनों में होने वाली बिजली की किल्लत से निपटने में भी सहायक सिद्ध होगा. विभाग का मानना है कि इस सिस्टम से पारदर्शिता बढ़ेगी और उपभोक्ताओं का भरोसा बिजली निगम पर और मजबूत होगा.