Jamshedpur News: झारखंड में जनगणना की प्रक्रिया को लेकर प्रशासनिक हलचल तेज हो गई है. आगामी 1 अप्रैल से विधिवत शुरू होने वाली जनगणना के प्रथम चरण यानी “हाउस लिस्टिंग” (मकानों का सूचीकरण) के लिए जमशेदपुर के साकची स्थित जिला परिषद सभागार में तीन दिवसीय विशेष प्रशिक्षण शिविर का मंगलवार को शुभारंभ हुआ. इस बार की जनगणना अपनी तकनीकी आधुनिकता के कारण पिछली बार से पूरी तरह अलग और हाईटेक होने वाली है.
प्रशिक्षण की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इस बार जनगणना की पूरी प्रक्रिया पूरी तरह पेपरलेस और डिजिटल मोड में संपन्न होगी. अनावश्यक कागजी कार्रवाई और फाइलों के बोझ को खत्म करने के लिए जनगणना कार्य निदेशालय ने एक विशेष मोबाइल एप और पोर्टल विकसित किया है. साकची के जिला परिषद सभागार में आयोजित सत्र के दौरान सभी चार्ज अधिकारियों, सहायक अधिकारियों और तकनीकी सहायकों को उनके मोबाइल फोन पर “हैंड्स ऑन” ट्रेनिंग दी गई, ताकि वे डिजिटल प्रणाली को बारीकी से समझ सकें.
प्रशिक्षण के दौरान अधिकारियों और कंप्यूटर ऑपरेटरों को CMMS पोर्टल और जनगणना का आधिकारिक मोबाइल एप डाउनलोड कराया गया. जनगणना कार्य निदेशालय, रांची के उप निदेशक गजेंद्र गुप्ता ने प्रशिक्षुओं को संबोधित करते हुए बताया कि डिजिटल मोड अपनाने से न केवल आंकड़ों की सटीकता बढ़ेगी, बल्कि जनगणना के परिणाम भी पहले की तुलना में काफी कम समय में तैयार किए जा सकेंगे. फील्ड में मकानों की गिनती के दौरान आने वाली संभावित समस्याओं और एप के इस्तेमाल के तरीकों पर भी विस्तार से चर्चा की गई.
यह महत्वपूर्ण प्रशिक्षण कार्यक्रम तीन दिनों तक चलेगा, जिसकी समय-सीमा प्रतिदिन सुबह 9:30 से शाम 6:00 बजे तक निर्धारित की गई है. इस अभियान के सफल संचालन के लिए सभी प्रखंड विकास अधिकारियों (BDO) को चार्ज ऑफिसर के रूप में नियुक्त किया गया है. उद्घाटन सत्र के दौरान विशिष्ट अनुभाजन पदाधिकारी और जिला सांख्यिकी पदाधिकारी सच्चिदानंद महतो ने सभी कर्मचारियों को निर्देश दिया कि वे डिजिटल प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन करें ताकि 1 अप्रैल से शुरू होने वाली हाउस लिस्टिंग प्रक्रिया में कोई त्रुटि न रहे.