Ranchi News: रांची जिले के लापुंग प्रखंड में क्षेत्रीय लाह खेती प्रशिक्षण एवं टूलकिट वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन सिद्धों कान्हो कृषि एवं वनोपज राज्य सहकारी संघ लिमिटेड की ओर से किया गया. इसमें 377 किसानों को वैज्ञानिक तरीके से लाह उत्पादन करने का प्रशिक्षण दिया गया. साथ ही किसानों के बीच लाह खेती से जुड़े आवश्यक उपकरण और टूलकिट भी वितरित किए गए. कार्यक्रम में बड़ी संख्या में किसान और ग्रामीण मौजूद रहे.
गांवों की अर्थव्यवस्था मजबूत करने पर जोर
कार्यक्रम में शामिल कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने कहा कि झारखंड में वनोपज आधारित खेती ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की बड़ी क्षमता रखती है. उन्होंने कहा कि लाह, महुआ, इमली, मधु, चिरौंजी और औषधीय पौधों के उत्पादन से गांवों में रोजगार के अवसर बढ़ सकते हैं. मंत्री ने कहा कि यदि पंचायत स्तर पर प्रसंस्करण, पैकेजिंग और विपणन की बेहतर व्यवस्था तैयार की जाए तो किसानों को अच्छा बाजार मिलेगा और युवाओं का पलायन भी कम होगा.
किसानों को अनुदान पर मिलेगा लाह बीहन
मंत्री ने जानकारी दी कि जून-जुलाई महीने में किसानों को कुसुमी और रंगीनी लाह बीहन अनुदान पर उपलब्ध कराया जाएगा. उन्होंने किसानों को कम वर्षा और उर्वरक संकट को देखते हुए मडुवा जैसी वैकल्पिक फसलों को अपनाने की सलाह भी दी. मंत्री ने कहा कि वैज्ञानिक पद्धति से लाह खेती करने पर किसान आत्मनिर्भर बन सकते हैं. साथ ही लापुंग को झारखंड के प्रमुख लाह उत्पादन केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में सरकार काम कर रही है.