Current News: हरियाणा के गुरुग्राम (सिधरावली) में सोमवार रात एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है. पटौदी-बिलासपुर रोड पर स्थित “सिग्नेचर ग्लोबल” सोसाइटी के निर्माणाधीन प्रोजेक्ट में एक विशाल कंक्रीट की दीवार गिरने से सात मजदूरों की दर्दनाक मौत हो गई. इस हादसे में झारखंड, विशेषकर जमशेदपुर के मजदूरों को भारी नुकसान पहुंचा है.
जमशेदपुर और झारखंड के मजदूरों की हुई मौत
हादसे का सबसे दुखद पहलू यह है कि जान गंवाने वाले सात मजदूरों में से अधिकांश झारखंड के रहने वाले थे. मृतकों में जमशेदपुर के भागीरथ गोप (पोहिता), सुंदरनगर के मंगल महतो (हाथीबिंदा) और शिव शंकर (बनिहारा, उम्र 31 वर्ष) शामिल हैं. इसके अलावा झारखंड के परमेश्वर (हुंडई) ने भी इस हादसे में अपनी जान गंवा दी.
घायल मजदूरों की स्थिति नाजुक
हादसे में घायल हुए कई अन्य मजदूर भी झारखंड के ही रहने वाले हैं. जमशेदपुर के पोहिता निवासी संजीव गोप और (झारखंड) के धनंजय महतो गंभीर रूप से घायल हैं और अस्पताल में जिंदगी और मौत की जंग लड़ रहे हैं. इनके साथ ही सतीश (राजस्थान), छोटेलाल, दीनदयाल, शिवकांत और इंद्रजीत का इलाज भिवाड़ी के अस्पताल में चल रहा है, जिनमें से कुछ की हालत बेहद नाजुक बताई जा रही है.
कैसे हुआ यह भीषण हादसा?
पुलिस की प्रारंभिक जांच के अनुसार, सोसाइटी परिसर में सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) बनाने के लिए बेसमेंट में खुदाई का काम चल रहा था. सोमवार रात करीब 8 बजे अचानक एक भारी-भरकम कंक्रीट रिटेंशन दीवार भरभरा कर गिर गई. दीवार गिरने से बड़े पैमाने पर मिट्टी धंस गई, जिसके नीचे 12 से 15 मजदूर दब गए.
देर रात तक चला रेस्क्यू ऑपरेशन
हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और बचाव दल मौके पर पहुंचे. मलबे के नीचे दबे लोगों को निकालने के लिए रात के अंधेरे में हाई मास्ट लाइटें और जेसीबी मशीनों की मदद ली गई. घटनास्थल पर मौजूद अन्य श्रमिकों का कहना है कि मलबे के नीचे अभी भी 10 से ज्यादा मजदूरों के दबे होने की आशंका है, जिसके कारण तलाशी अभियान लगातार जारी है.
दोषियों पर होगी सख्त कार्रवाई
गुरुग्राम पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए निर्माण कार्य में लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है. अधिकारियों का कहना है कि परिजनों की शिकायत मिलते ही संबंधित बिल्डर और ठेकेदार के खिलाफ कड़ी धाराओं में एफआईआर दर्ज की जाएगी. फिलहाल पुलिस और प्रशासन की प्राथमिकता घायलों को बेहतर इलाज उपलब्ध कराने और मलबे में दबे अन्य लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने पर है.