आपको बताए क्या है पूरा मामला
एसएसपी को सौंपे गए ज्ञापन में मोती लाल यादव ने बताया कि 21 फरवरी की शाम को उनके दुकान पर करीब एक दर्जन से अधिक युवकों ने हमला कर दिया। हमलावरों में मुख्य रूप से इशू पोद्दार, करण पोद्दार, जोगार्ड पोद्दार, सोनू पोद्दार, विशोरी पोद्दार, मिथुन पोद्दार, देवराज गोप, कुणाल दास, अविनाश गोप, विनोद यादव, हिरो यादव, गणेश पोद्दार और कृष वर्मा समेत अन्य शामिल थे।
इन लोगों ने दुकान में घुसकर गाली-गलौज की और फिर चापड़ धारदार हथियार से हमला कर दिया। इस हमले में मोती लाल यादव और उनके बेटे शुभम यादव गंभीर रूप से घायल हो गए। दोनों ने सदर अस्पताल में अपना इलाज भी करवाया है।
पुलिस की भूमिका पर उठाए सवाल
पीड़ित का आरोप है कि घटना के बाद उन्होंने लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। पुलिस ने कुछ अभियुक्तों को हिरासत में भी लिया, लेकिन बिना ठोस कार्रवाई किए उन्हें छोड़ दिया गया। मोती लाल ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि पुलिस अधिकारी अब उन पर आरोपियों के साथ समझौता करने का दबाव बना रहे हैं।आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं और धारदार हथियारों के साथ दुकान की रेकी कर रहे हैं। पूरे परिवार को जान से मारने और काट देने की धमकियां मिल रही हैं।
न्याय की मांग पुलिस से
मोती लाल यादव ने एसएसपी से मांग की है कि उनकी और उनके परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि पुलिस की सुस्ती से अपराधियों के हौसले बुलंद हैं, जिससे इलाके में दहशत का माहौल है। उन्होंने सभी नामजद आरोपियों के खिलाफ तत्काल कठोर कानूनी कार्रवाई करने का अनुरोध किया है।