Ranchi News: रांची रेलवे स्टेशन पर तैनात रेलवे सुरक्षा बल (RPF) ने अपनी सजगता का परिचय देते हुए एक 13 वर्षीय नाबालिग लड़की को असुरक्षित स्थिति से बाहर निकाला है. आरपीएफ द्वारा संचालित विशेष अभियान “ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते” के जरिए इस बालिका को स्टेशन परिसर से रेस्क्यू किया गया, जो प्लेटफॉर्म पर काफी डरी और सहमी हुई अवस्था में घूम रही थी.
गश्त के दौरान प्लेटफॉर्म नंबर 02 पर मिली किशोरी
आरपीएफ रांची के पोस्ट कमांडर पवन कुमार के नेतृत्व में गठित टीम जब 8 मार्च को रूटीन चेकिंग पर थी, तभी उनकी नजर प्लेटफॉर्म संख्या 02 पर अकेले बैठी एक बच्ची पर पड़ी. बच्ची की घबराहट और संदिग्ध व्यवहार को देखते हुए महिला उपनिरीक्षक प्रियंका कुमारी और उनकी टीम ने उसे अपने संरक्षण में ले लिया. प्रारंभिक बातचीत और पूछताछ में किशोरी ने अपनी पहचान ओडिशा के भद्रक जिले के रहने वाले गौतम की पुत्री के रूप में बताई, जिसके बाद आरपीएफ ने तुरंत आगे की कानूनी औपचारिकताएं शुरू कर दीं.
बाल कल्याण समिति के निर्देश पर वन स्टॉप सेंटर भेजा गया
आरपीएफ की टीम ने सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए बरामद बालिका को रांची स्थित बाल कल्याण समिति (CWC) के समक्ष प्रस्तुत किया. मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए समिति ने बच्ची को सुरक्षित आवास और उचित देखभाल प्रदान करने के उद्देश्य से “वन स्टॉप सेंटर” भेजने का आदेश जारी किया. इस सफल रेस्क्यू ऑपरेशन में आरपीएफ के जवान रामजी नाइक, एस.पी. टोप्पो और एस.पी. खाल्को ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और सुनिश्चित किया कि बच्ची किसी भी प्रकार के शोषण या अनहोनी का शिकार न हो.
मानवीय मिशन की दिशा में आरपीएफ का बड़ा कदम
रेलवे सुरक्षा बल का “ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते” उन बच्चों के लिए आशा की किरण बनकर उभरा है जो अक्सर घर से भागकर या किसी हादसे के कारण स्टेशनों पर लावारिस अवस्था में पहुंच जाते हैं. रांची स्टेशन पर हुई यह कार्रवाई पुलिस की मुस्तैदी के साथ-साथ उनके मानवीय दृष्टिकोण को भी प्रदर्शित करती है. विभाग का लक्ष्य है कि रेलवे नेटवर्क का उपयोग करने वाले किसी भी बच्चे को सुरक्षित माहौल मिले और उन्हें उनके परिजनों या उचित पुनर्वास केंद्रों तक पहुंचाया जा सके.