Palamu News: पलामू जिले के चैनपुर प्रखंड में जिला प्रशासन की त्वरित कार्रवाई से एक नाबालिग लड़की का विवाह समय रहते रोक दिया गया. यह मामला चैनपुर प्रखंड के चकहरभों गांव का है, जहां रविवार 8 मार्च 2026 को एक 15 वर्षीय बालिका की शादी होने वाली थी.
प्रशासन की एक संयुक्त टीम गांव पहुंची
जनसंपर्क कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार, बाल विवाह की सूचना मिलते ही जिला समाज कल्याण पदाधिकारी नीता चौहान के नेतृत्व में प्रशासन की एक संयुक्त टीम गांव पहुंची. इस टीम में प्रखंड विकास पदाधिकारी, बाल विकास परियोजना पदाधिकारी तथा चैनपुर थाना की पुलिस भी शामिल थी.
जांच के दौरान पता चला कि चकहरभों गांव निवासी वीरेंद्र कुमार चौरसिया अपनी 15 वर्षीय बेटी का विवाह कराने की तैयारी कर रहे थे. मौके पर पहुंचे अधिकारियों ने परिवार के सदस्यों को बाल विवाह से जुड़े कानूनी प्रावधानों और इससे होने वाले स्वास्थ्य संबंधी नुकसान के बारे में विस्तार से जानकारी दी.
परिजनों ने अपनी गलती मान ली
प्रशासन की समझाइश के बाद परिजनों ने अपनी गलती मान ली और आश्वासन दिया कि वे बेटी की शादी तभी करेंगे जब वह कानूनी रूप से निर्धारित 18 वर्ष की आयु पूरी कर लेगी.
इस कार्रवाई में चैनपुर थाना प्रभारी और महिला पर्यवेक्षिका निर्मला कुमारी ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ जागरूक रहें और ऐसी किसी भी जानकारी की तुरंत सूचना प्रशासन को दें.