रेलवे नियमों का हवाला देते हुए ट्रेन को आगे नहीं बढ़ाया
जानकारी के अनुसार, मालदा से सिलीगुड़ी जाने वाली यह ट्रेन रोजाना सुबह 6:35 बजे रवाना होती है और इसमें दैनिक यात्रियों की बड़ी संख्या रहती है। लेकिन 2:52 बजे जब ट्रेन ठाकुरगंज स्टेशन पर पहुंची, तब लोको पायलट की 9 घंटे की ड्यूटी पूरी हो चुकी थी, और उन्होंने रेलवे नियमों का हवाला देते हुए ट्रेन को आगे नहीं बढ़ाया।
रेलवे के नियमों के अनुसार लोको पायलट से अधिकतम 9–10 घंटे तक ही ड्यूटी ली जा सकती है। उसके बाद उन्हें आराम देना अनिवार्य होता है ताकि संचालन में सुरक्षा बनी रहे। इस कारण स्टेशन पर तुरंत दूसरा लोको पायलट उपलब्ध नहीं हो पाया, जिससे ट्रेन में देरी हुई।
सिलीगुड़ी से दूसरा ड्राइवर स्टेशन पर पहुंचा
ट्रेन का गार्ड और स्टेशन मास्टर लोको पायलट को मनाने की कोशिश की, लेकिन ड्राइवर ने अपना निर्णय बरकरार रखा और ट्रेन से उतर गया। इसके बाद पीछे से आई दूसरी ट्रेन में कुछ यात्री सिलीगुड़ी के लिए रवाना हुए। अन्य यात्रियों की ट्रेन तब आगे बढ़ पाई जब सिलीगुड़ी से दूसरा ड्राइवर स्टेशन पर पहुंचा।
अनावश्यक देरी पर जताई नाराजगी
यात्रियों ने इस तीन घंटे की अनावश्यक देरी पर नाराजगी जताई, जबकि रेलवे ने सुरक्षा कारणों से ड्यूटी नियम का पालन करने वाले लोको पायलट के पक्ष में स्थिति स्पष्ट की।