Jamshedpur: जमशेदपुर के बागबेड़ा कॉलोनी पंचायत क्षेत्र में जन्म प्रमाण पत्र बनवाने को लेकर लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इसी समस्या के समाधान की मांग को लेकर पंचायत के उप मुखिया संतोष ठाकुर और युवा नेता सूरज ओझा ने संयुक्त रूप से उप विकास आयुक्त नागेंद्र पासवान से मुलाकात कर एक ज्ञापन सौंपा।
नियम में बदलाव के बाद बढ़ी परेशानी
बताया जा रहा है कि पिछले लगभग छह महीनों से विद्यार्थियों और ग्रामीणों को जन्म प्रमाण पत्र बनवाने के लिए प्रखंड कार्यालय से लेकर पंचायत भवन तक कई बार चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। दरअसल, झारखंड सरकार ने पिछले वर्ष जन्म प्रमाण पत्र के आवेदन की प्रक्रिया में बदलाव किया था। नए नियम के तहत आवेदन के साथ आंगनबाड़ी सेविका द्वारा टीकाकरण का प्रमाण पत्र अनिवार्य कर दिया गया है।
टीकाकरण प्रमाण नहीं होने से आवेदन अटक रहे
स्थानीय प्रतिनिधियों का कहना है कि क्षेत्र के अधिकांश लोगों के पास टीकाकरण से जुड़ा कोई लिखित प्रमाण उपलब्ध नहीं है। इसी कारण आंगनबाड़ी सेविकाएं आवेदन पत्रों को प्रमाणित नहीं कर रही हैं। जबकि कई आवेदकों के पास अपने और माता-पिता का आधार कार्ड, बच्चों के स्कूल से जारी बोनाफाइड सर्टिफिकेट और अन्य जरूरी दस्तावेज मौजूद हैं।
अधिकारियों से भी नहीं मिल पा रहा समाधान
ग्रामीणों का कहना है कि जब वे अपनी समस्या लेकर आंगनबाड़ी सेविका, पंचायत सचिव या अन्य अधिकारियों के पास जाते हैं, तब भी उन्हें कोई स्पष्ट समाधान नहीं मिल पाता। इससे लोगों की परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है।
डीडीसी ने समस्या के समाधान का दिया आश्वासन
इस गंभीर स्थिति को देखते हुए उप मुखिया संतोष ठाकुर और सूरज ओझा ने उप विकास आयुक्त नागेंद्र पासवान से मिलकर ज्ञापन सौंपा और जल्द समाधान की मांग की। उन्होंने कहा कि इस समस्या का समाधान नहीं होने से हजारों बच्चों और ग्रामीणों का भविष्य प्रभावित हो सकता है।
उप विकास आयुक्त ने भी मामले की गंभीरता को समझते हुए जल्द ही इसका समाधान निकालने का आश्वासन दिया है।