यूपी, बिहार और बंगाल से मंगाया गया स्टॉक
बाजार में मांग की विशालता को देखते हुए व्यापारियों ने पहले से ही कमर कस ली है। स्थानीय आपूर्ति कम पड़ने की संभावना को देखते हुए उत्तर प्रदेश और बिहार के भागलपुर से करीब 15 ट्रक खस्सी धनबाद पहुंच चुके हैं। वहीं, चिकन के शौकीनों के लिए पश्चिम बंगाल से लगभग 30 ट्रक पोल्ट्री मुर्गे मंगाए गए हैं।
मटन कारोबारी सुशांत दास के अनुसार, अकेले धनबाद शहर में इस बार लगभग 900 क्विंटल मटन की बिक्री होने का अनुमान है। खास बात यह है कि इस बार छोटे खुदरा विक्रेताओं ने एकजुट होकर सीधे ट्रकों से माल मंगाया है, ताकि बिचौलियों के बिना ग्राहकों को ताजा और उच्च गुणवत्ता वाला मांस मिल सके।
कीमतें रहेंगी सामान्य, ग्राहकों को राहत
त्योहारों पर अक्सर कीमतों में भारी उछाल देखा जाता है, लेकिन इस बार धनबाद के मीट बाजार से राहत भरी खबर आ रही है। कारोबारियों के मुताबिक, स्टॉक पर्याप्त होने के कारण कीमतें नियंत्रण में रहेंगी मटन, विभिन्न बाजारों में मटन 750 रुपये से 820 रुपये प्रति किलो के भाव पर उपलब्ध रहेगा।चिकन ड्रेसिंग 220 रुपये से 240 रुपये प्रति किलो। चिकन खड़ा मुर्गा 160 रुपये से 180 रुपये प्रति किलो। मुर्गे के दाम स्थिर हैं, इसलिए ग्राहकों को जेब ज्यादा ढीली नहीं करनी पड़ेगी।
आधी रात से ही जुटेगी भीड़
मीट विक्रेताओं का मानना है कि मंगलवार की आधी रात से ही दुकानों पर खरीदारों का सैलाब उमड़ना शुरू हो जाएगा। पुलिस लाइन और हीरापुर जैसे व्यस्त इलाकों में विशेष तैयारी की गई है। शहर में केवल चिकन के व्यापार से ही लगभग 20 लाख रुपये से अधिक के टर्नओवर की संभावना जताई जा रही है। कुल मिलाकर, इस बार की होली धनबाद के मीट कारोबारियों के लिए बंपर कमाई और आम जनता के लिए किफायती स्वाद का मिश्रण लेकर आई है।