BIG BREAKING: शनिवार को पश्चिम एशिया में स्थिति उस समय विस्फोटक हो गई जब इजरायल और अमेरिका ने संयुक्त रूप से ईरान पर एक बड़ा सैन्य हमला बोल दिया. इजरायली रक्षा मंत्री ने इसे “प्री-एम्प्टिव स्ट्राइक” (निवारक हमला) करार देते हुए कहा कि यह देश पर मंडरा रहे संभावित खतरों को खत्म करने के लिए जरूरी था. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी इस सैन्य कार्रवाई की पुष्टि करते हुए इसे ईरान में “मेजर कॉम्बैट ऑपरेशंस” का नाम दिया है. इस हमले के दौरान तेहरान सहित ईरान के कई प्रमुख शहरों में धमाके सुने गए और धुएं के गुबार देखे गए.
ईरान का जवाबी प्रहार: एक साथ 7 देशों पर मिसाइल अटैक
इजरायल-अमेरिकी हमले के कुछ ही घंटों बाद ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के निर्देश पर “ट्रू प्रॉमिस 4” ऑपरेशन के तहत भीषण जवाबी कार्रवाई शुरू की गई. ईरान ने न केवल इजरायल पर मिसाइलें दागीं, बल्कि क्षेत्र के उन 7 देशों को भी निशाना बनाया जहां अमेरिकी सैन्य ठिकाने मौजूद हैं या जो इजरायल के सहयोगी माने जाते हैं. इन देशों में इजरायल, सऊदी अरब, यूएई (अबू धाबी और दुबई), कतर, कुवैत, बहरीन और जॉर्डन शामिल हैं. सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में आसमान में मिसाइलों की रोशनी और धमाकों के मंजर देखे जा सकते हैं.
बहरीन में अमेरिकी नौसेना के मुख्यालय पर बैलिस्टिक मिसाइल गिरी
ईरान के इस पलटवार में सबसे बड़ा निशाना बहरीन स्थित अमेरिकी नौसेना के 5वें फ्लीट का मुख्यालय बना. मीडिया रिपोर्ट्स और वीडियो फुटेज के अनुसार, ईरानी बैलिस्टिक मिसाइलों ने सीधे नेवल सपोर्ट एक्टिविटी (NSA) परिसर को हिट किया. बहरीन की राजधानी मनामा में हमले के बाद एयर रेड सायरन बजने लगे और लोग दहशत में आ गए. इसके अलावा कतर के अल उदेद एयरबेस और यूएई में भी मिसाइलें गिरने की खबरें आई हैं. यूएई से मिली जानकारी के मुताबिक, अबू धाबी में मिसाइल हमले की चपेट में आने से एक व्यक्ति की मौत हो गई है.
इजरायल में 48 घंटे का आपातकाल और कतर-यूएई का एयरस्पेस बंद
ईरान की ओर से लगातार हो रही मिसाइल वर्षा के बाद इजरायल ने पूरे देश में 48 घंटे के लिए आपातकाल घोषित कर दिया है. नागरिक सुरक्षा प्रोटोकॉल सक्रिय कर दिए गए हैं और लोगों को सुरक्षित कमरों (सेफ रूम) के पास रहने की सलाह दी गई है. वहीं, हमलों और सुरक्षा कारणों को देखते हुए कतर, यूएई और बहरीन ने अपने हवाई क्षेत्र (Airspace) को पूरी तरह बंद कर दिया है. इसके चलते कतर एयरवेज और एयर इंडिया समेत कई अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को या तो रद्द कर दिया गया है या उन्हें बीच रास्ते से ही वापस मोड़ दिया गया है.
दुनिया भर में दहशत और भारतीय दूतावास की एडवाइजरी
इस भीषण संघर्ष ने पूरी दुनिया को डरा दिया है, क्योंकि इससे वैश्विक तेल आपूर्ति और अर्थव्यवस्था पर गंभीर संकट मंडराने लगा है. रूस ने इस हमले को “बिना उकसावे की सैन्य आक्रामकता” बताते हुए इसकी निंदा की है. इस बीच, इजरायल और ईरान में मौजूद भारतीय दूतावासों ने अपने नागरिकों के लिए “अति आवश्यक” अलर्ट जारी किया है. भारतीयों को अनावश्यक यात्रा न करने, घरों के भीतर रहने और स्थानीय अधिकारियों के निर्देशों का कड़ाई से पालन करने की सलाह दी गई है. स्थिति फिलहाल नियंत्रण से बाहर होती दिख रही है और युद्ध के और व्यापक होने की आशंका है.