Jharkhand Vidhansabha: झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के आठवें दिन सदन में स्वास्थ्य व्यवस्था से जुड़ा एक अहम मुद्दा जोरदार तरीके से उठा। धनबाद सहित राज्य के कई जिलों में बायो मेडिकल वेस्ट ट्रीटमेंट प्लांट की कमी और जहां प्लांट मौजूद हैं, वहां भी समय पर कचरे का निष्पादन नहीं होने का मामला चर्चा का केंद्र बना रहा।
एजेंसी की कार्यशैली पर उठे सवाल
विधायक चंद्रदेव महतो ने सदन में सवाल उठाते हुए कहा कि कुछ जिलों में बायो मेडिकल वेस्ट ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित तो हैं, लेकिन उनकी कार्यप्रणाली संतोषजनक नहीं है। उन्होंने विशेष रूप से धनबाद का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि वहां कचरे का निष्पादन करने वाली एजेंसी अपनी जिम्मेदारी सही ढंग से नहीं निभा रही है।
उन्होंने यह भी बताया कि मेडिकल कॉलेज के अधीक्षक की ओर से संबंधित एजेंसी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई जा चुकी है, इसके बावजूद हालात में सुधार नहीं दिख रहा है।
सरकार का जवाब और भविष्य की योजना
मामले पर जवाब देते हुए स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने कहा कि फिलहाल राज्य के छह जिलों में बायो मेडिकल वेस्ट निष्पादन प्लांट संचालित हो रहे हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि आने वाले समय में अन्य प्रमुख अस्पतालों में भी ऐसे प्लांट स्थापित किए जाएंगे ताकि समस्या का स्थायी समाधान हो सके।
हालांकि मंत्री के जवाब से विधायक चंद्रदेव महतो पूरी तरह संतुष्ट नजर नहीं आए। उन्होंने दोबारा मांग की कि धनबाद में कार्यरत एजेंसी के खिलाफ जांच कर सख्त कार्रवाई की जाए।
विपक्ष ने भी की ठोस कार्रवाई की मांग
नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने भी इस मुद्दे पर हस्तक्षेप करते हुए कहा कि जब मामला सदन में उठ चुका है, तो सरकार को केवल आश्वासन देने के बजाय ठोस कदम उठाने चाहिए।
इस पर स्वास्थ्य मंत्री ने आश्वस्त किया कि धनबाद में बायो मेडिकल वेस्ट निष्पादन का काम कर रही एजेंसी की जांच कराई जाएगी और यदि अनियमितता पाई गई तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
सदन में उठे इस मुद्दे ने राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था और कचरा प्रबंधन तंत्र पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सभी की नजर इस बात पर है कि सरकार जांच और सुधार की दिशा में कितनी तेजी से कदम उठाती है।