Jharkhand News: झारखंड में नक्सली गतिविधियों के समूल खात्मे और सुरक्षा रणनीति को और मजबूत करने के उद्देश्य से डीजीपी की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई गई है. 28 फरवरी को झारखंड पुलिस मुख्यालय में होने वाली इस उच्चस्तरीय बैठक में चतरा, लातेहार, हजारीबाग, पलामू और लोहरदगा जिले के पुलिस कप्तानों (SP) को विशेष रूप से तलब किया गया है.
नक्सल परिदृश्य की समीक्षा और भविष्य की रणनीति
पुलिस मुख्यालय द्वारा जारी आधिकारिक आदेश के अनुसार, इस बैठक का मुख्य एजेंडा इन पांचों जिलों की सुरक्षा स्थिति का गहन विश्लेषण करना है. बैठक के दौरान पिछले कुछ महीनों में हुई नक्सली वारदातों, पुलिस द्वारा चलाए गए सर्च ऑपरेशन और खुफिया इनपुट पर चर्चा की जाएगी. डीजीपी इन जिलों के वर्तमान परिदृश्य की समीक्षा करेंगे और नक्सलियों के खिलाफ भविष्य की जवाबी कार्रवाई के लिए नई रणनीति तैयार करेंगे.
चतरा और लातेहार अब “लीगेसी जिलों” की श्रेणी में
केंद्रीय गृह मंत्रालय के हालिया आंकड़ों के आधार पर झारखंड के लिए राहत भरी खबर है. लातेहार, बोकारो और चतरा को अब “लीगेसी जिलों” (Legacy Districts) की सूची में शामिल किया गया है. इसका तात्पर्य यह है कि इन क्षेत्रों में नक्सली गतिविधियां अब लगभग समाप्ति की ओर हैं. हालांकि, सुरक्षा में किसी भी तरह की चूक न हो और विकास कार्य सुचारू रूप से चलते रहें, इसके लिए सरकार इन क्षेत्रों में एसआरई (SRE) योजना के तहत वित्तीय सहायता और सुरक्षा बल की तैनाती जारी रखेगी.
अति नक्सल प्रभावित श्रेणी से बाहर हुआ चाईबासा
झारखंड पुलिस के लिए सबसे बड़ी उपलब्धि चाईबासा (पश्चिम सिंहभूम) जिले से जुड़ी है. जो जिला कभी देश के 12 सबसे खतरनाक नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में शामिल था, वह अब इस काली सूची से बाहर हो गया है. गृह मंत्रालय की नई सूची के मुताबिक, चाईबासा को अब “डिस्ट्रिक्ट ऑफ कंसर्न” यानी सामान्य नक्सल प्रभावित की श्रेणी में रखा गया है. यह सुरक्षाबलों के निरंतर अभियानों और विकासोन्मुख नीतियों की बड़ी सफलता मानी जा रही है.