Jharkhand News: सुप्रीम कोर्ट ने डोरंडा थाना क्षेत्र में हुई मर्सिडीज कार और मोटरसाइकिल दुर्घटना से जुड़े मामले में झारखंड हाईकोर्ट के एक महत्वपूर्ण निर्देश पर रोक लगा दी है. शीर्ष अदालत ने उस जांच संबंधी आदेश को फिलहाल स्थगित कर दिया है, जिसमें हाईकोर्ट ने युवक मोबाज खान के प्रतिबंधित संगठन पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) से कथित संबंधों की जांच के निर्देश दिए थे.
हाईकोर्ट ने क्यों दिए थे जांच के आदेश?
मामले की सुनवाई के दौरान झारखंड हाईकोर्ट ने खुद को पीड़ित बताने वाले युवक मोबाज खान द्वारा सोशल मीडिया पर कथित रूप से भड़काऊ संदेश फैलाने के आरोपों को बेहद गंभीरता से लिया था. इसी आधार पर अदालत ने राज्य सरकार, केंद्र सरकार और सीबीआई (CBI) को नोटिस जारी किया था. हाईकोर्ट ने निर्देश दिया था कि मोबाज खान के प्रतिबंधित संगठन PFI से संभावित संबंधों और उसकी गतिविधियों की गहराई से जांच की जाए और संबंधित पक्ष इस पर शपथ-पत्र दाखिल करें.
सुप्रीम कोर्ट का रुख और जांच पर रोक
अब सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के इस विशिष्ट आदेश पर रोक लगा दी है. इस निर्णय के बाद प्रतिबंधित संगठन से कथित संबंधों को लेकर फिलहाल कोई भी जांच या आगे की कानूनी कार्रवाई नहीं की जा सकेगी. शीर्ष अदालत के इस हस्तक्षेप से मोबाज खान को फिलहाल बड़ी राहत मिली है.
अधिवक्ता मनोज टंडन को मिली सुरक्षा बरकरार
विशेष बात यह है कि सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के आदेश के उस हिस्से में कोई हस्तक्षेप नहीं किया है, जिसमें अधिवक्ता मनोज टंडन को सुरक्षा प्रदान की गई थी. हाईकोर्ट ने पूर्व में निर्देश दिया था कि अधिवक्ता मनोज टंडन के खिलाफ किसी भी प्रकार की पीड़क या दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जाएगी. सुप्रीम कोर्ट ने इस रोक को यथावत रखा है, जिसका अर्थ है कि अधिवक्ता के विरुद्ध वर्तमान में कोई कठोर कार्रवाई नहीं हो सकेगी.
अगली सुनवाई पर टिकी नजरें
यह मामला अब सर्वोच्च न्यायालय के विचाराधीन है. आगामी सुनवाई में यह स्पष्ट होगा कि क्या PFI लिंक की जांच को पूरी तरह समाप्त किया जाएगा या इसमें किसी अन्य तरीके से आगे बढ़ने की अनुमति मिलेगी. इस कानूनी मोड़ ने पूरे मर्सिडीज दुर्घटना मामले को एक नया आयाम दे दिया है.