Jharkhand Budget 2026-27: झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के दौरान वित्त वर्ष 2026-27 के बजट पर चर्चा करते हुए विधायक रामेश्वर उरांव ने सरकार की आर्थिक नीतियों का पुरजोर समर्थन किया. सदन को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि वर्तमान बजट मुख्य रूप से ग्रामीण विकास और महिला सशक्तिकरण को समर्पित है. उन्होंने जोर देकर कहा कि भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लिए झारखंड का समग्र विकास अनिवार्य है.
पांच वर्षों में अर्थव्यवस्था दोगुनी करने का लक्ष्य
रामेश्वर उरांव ने राज्य की आर्थिक प्रगति का खाका खींचते हुए कहा कि यदि झारखंड 14 प्रतिशत की विकास दर हासिल करने में सफल रहता है, तो अगले पांच वर्षों में राज्य की अर्थव्यवस्था दोगुनी हो सकती है. उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के हालिया यूके और जर्मनी दौरे को मील का पत्थर बताते हुए कहा कि इन विदेशी दौरों से राज्य में लगभग 70 हजार करोड़ रुपये के निवेश का मार्ग प्रशस्त हुआ है. इस निवेश से न केवल प्रत्यक्ष रोजगार बढ़ेगा, बल्कि आम लोगों की आय में भी उल्लेखनीय वृद्धि होगी.
हैप्पीनेस इंडेक्स और बजट का आकार
विकास की नई परिभाषा देते हुए उन्होंने “हैप्पीनेस इंडेक्स” पर विशेष जोर दिया. उन्होंने तर्क दिया कि बुनियादी ढांचे के विकास के साथ-साथ लोगों के जीवन स्तर में खुशहाली लाना ही वास्तविक सफलता है. उन्होंने जानकारी दी कि इस वर्ष के बजट का कुल आकार 1 लाख 58 हजार करोड़ रुपये से अधिक है, जो राज्य की बढ़ती आर्थिक क्षमता को दर्शाता है.
खनिज संसाधनों का दोहन और क्षेत्रीय विकास की चुनौती
सदन में चर्चा के दौरान उन्होंने इस बात पर चिंता जताई कि देश का 40 प्रतिशत खनिज संसाधन झारखंड में होने के बावजूद, इनका पूरा लाभ स्थानीय स्तर पर नहीं मिल पा रहा है. उन्होंने पलामू, गढ़वा, सिमडेगा और खूंटी जैसे पिछड़े जिलों के विकास पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता बताई. बेरोजगारी और पलायन को बड़ी समस्या बताते हुए उन्होंने “अल्प रोजगार” (Under-employment) को युवाओं के लिए एक गंभीर चुनौती करार दिया और सरकार से इस दिशा में ठोस कदम उठाने का आग्रह किया.