Jugsalai Breaking: जमशेदपुर के जुगसलाई थाना क्षेत्र में नगर परिषद चुनाव के दौरान उस वक्त भारी अफरा-तफरी मच गई, जब वार्ड नंबर 3 के आरडी स्कूल बूथ पर चुनावी रंजिश को लेकर दो पक्ष आपस में भिड़ गए. वार्ड पार्षद के समर्थकों के बीच हुई इस मारपीट ने हिंसक रूप ले लिया, जिसके बाद बूथ परिसर में भगदड़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई. घटना की गंभीरता को देखते हुए चुनाव ड्यूटी पर तैनात कर्मियों ने सुरक्षा के लिहाज से कुछ देर के लिए मतदान को रोक दिया.
फर्जी वोटिंग और हार के डर से उपजा विवाद
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, विवाद की शुरुआत गलत तरीके से मतदान कराने के आरोप से हुई. दोनों ही पक्षों ने एक-दूसरे पर फर्जी वोटिंग कराने और हार के डर से माहौल बिगाड़ने का गंभीर आरोप लगाया है. देखते ही देखते बहस मारपीट में तब्दील हो गई और दोनों गुटों के समर्थक एक-दूसरे पर टूट पड़े.
पुलिस ने किया बल प्रयोग, फिर शुरू हुआ मतदान
हंगामे की सूचना मिलते ही जुगसलाई थाना पुलिस भारी संख्या में बल के साथ मौके पर पहुंची. उग्र भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को हल्का बल प्रयोग (लाठीचार्ज) करना पड़ा. पुलिस ने कड़ी कार्रवाई करते हुए दोनों पक्षों के उपद्रवियों को बूथ परिसर से बाहर खदेड़ा. स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में आने के बाद मतदान प्रक्रिया को दोबारा सुचारू रूप से शुरू कराया गया. वर्तमान में एहतियात के तौर पर बूथ के बाहर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है.
जुगसलाई की यह घटना चुनावी प्रक्रिया में जमीनी स्तर पर बढ़ते तनाव को दर्शाती है. बूथ के भीतर समर्थकों का आपस में भिड़ना न केवल सुरक्षा व्यवस्था में सेंध है, बल्कि शांतिपूर्ण मतदान की अपील को भी कमजोर करता है. पुलिस की त्वरित कार्रवाई ने किसी बड़ी अनहोनी को टाल दिया, लेकिन संवेदनशील बूथों पर ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए प्रशासन को और अधिक मुस्तैद रहने की जरूरत है ताकि मतदाता बिना किसी डर के अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकें.