नियमित मॉनिटरिंग करने पर बल
बैठक में उन्होंने शिक्षा, छात्रवृत्ति, आवास, स्वरोजगार, अत्याचार निवारण, सामाजिक सुरक्षा एवं अन्य कल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की अद्यतन स्थिति की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि योजनाओं का लाभ निर्धारित लक्षित समूह तक समयबद्ध एवं पारदर्शी तरीके से पहुँचे। योजनाओं के क्रियान्वयन तथा लाभूकों के चयन में सबसे अधिक जरूरतमंद को प्राथमिकता मिले, यह सुनिश्चित किया जाए। साथ ही अत्याचार निवारण लंबित मामलों के पुलिस को त्वरित निष्पादन, शिकायतों के प्रभावी समाधान तथा जमीनी स्तर पर कार्यो की नियमित मॉनिटरिंग करने पर बल दिया।
प्रशासन के माध्यम से जवाबदेह
उन्होने कहा ग्रामीणों, गरीबो, किसानो, मजदूरों व अन्य जरूरतमंद लोगो के हितों की रक्षा तथा उनके मूलभुत अधिकारों व कल्याण के लिए संचालित सरकार की योजना को बगैर किसी रूकावट के समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना प्रत्येक सरकारी सेवक का नैतिक कर्तव्य है अधिकारी अपने पद की सार्थकता साबित करें। जवाबदेह प्रशासन के माध्यम से हीं जनता के बीच सरकार की छवि सुधारी जा सकती है।
बैठक में उन्होने शिक्षा की गुणवता में सुधार हेतु शतप्रतिशत बच्चों का नामंकन, ड्रापआउट को रोकने, जर्जर भवनों की स्थिति, शिक्षक छात्र अनुपात में सुधार लाने, अभिभावकों की भागीदारी बढ़ाने की बात कही। प्रधानमंत्री अवास योजना में चयनित लाभुक सूची का सत्यापन करने, फर्जी मनरेगा जाॅब कार्ड पर कार्रवाई करने तथा कृषि व अन्य संबंधित विभागों तथा श्रमिक कल्याण संचालक विभागों को उनके कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ने के लिए पहल करने व लाभांवित करने के लिए जागरूकता अभियान चलाने की आवश्यकता बताई।
विभागीय पदाधिकारी बैठक में उपस्थित
बैठक में उप विकास आयुक्त नागेंद्र पासवान, एसडीएम धालभूम अर्णव मिश्रा, निदेशक एनईपी संतोष गर्ग, सिविल सर्जन डाॅ0 साहिर पाल, डीटीओ धनंजय, एडीएम एसओआर राहुल आनंद, डीएसपी मुख्यालय समेत अन्य संबंधित विभागीय पदाधिकारी बैठक में उपस्थित थे। उप विकास आयुक्त नागेंद्र पासवान ने आयोग के सदस्य को आश्वस्त किया कि अनुसूचित जाति समुदाय के उत्थान हेतु संचालित योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा रहा है तथा प्राप्त निर्देशों के आलोक में आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।