Jharkhand News: झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) की 14वीं संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा-2025 में उम्र सीमा में छूट की मांग को लेकर दायर याचिका पर शुक्रवार को झारखंड हाईकोर्ट में सुनवाई होगी. जस्टिस आनंद सेन की पीठ में इस मामले को सूचीबद्ध किया गया है. अभ्यर्थियों के लिए यह सुनवाई इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि ऑनलाइन आवेदन करने की अंतिम तिथि 20 फरवरी निर्धारित है. सुमन चौबे और बसंत कुमार सहित 50 से अधिक अभ्यर्थियों ने अधिवक्ता कुमार हर्ष के माध्यम से अदालत का दरवाजा खटखटाया है.
नियमित परीक्षा न होने से अभ्यर्थी हुए ओवरएज
याचिकाकर्ताओं का मुख्य तर्क है कि राज्य में जेपीएससी परीक्षाओं के आयोजन में होने वाली देरी और अनियमितता का खामियाजा उन्हें भुगतना पड़ रहा है. आयोग ने विज्ञापन संख्या 01/2026 में अधिकतम उम्र सीमा की गणना के लिए 1 अगस्त 2026 की कट-ऑफ डेट तय की है. अभ्यर्थियों की मांग है कि इस गणना को 1 अगस्त 2018 से प्रभावी किया जाना चाहिए. उनका कहना है कि लंबे अंतराल के कारण कई योग्य छात्र एक भी अवसर मिले बिना ही परीक्षा की निर्धारित उम्र सीमा को पार कर चुके हैं.
पिछले आदेश से जगी राहत की उम्मीद
इससे पूर्व किशोर कुमार एवं अन्य की याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने अदालत आने वाले अभ्यर्थियों को ऑफलाइन फॉर्म भरने की अनुमति दी थी. इसी के आधार पर वर्तमान याचिकाकर्ताओं को भी राहत मिलने की उम्मीद है. शुक्रवार को होने वाली सुनवाई में कोर्ट के रुख पर यह निर्भर करेगा कि क्या आवेदन की अंतिम तिथि से पहले उम्र सीमा में कोई बड़ा बदलाव होता है या नहीं.
जेपीएससी परीक्षाओं में उम्र सीमा का विवाद कोई नया नहीं है. झारखंड में सिविल सेवा परीक्षाओं के बीच लंबा अंतराल रहने के कारण कट-ऑफ डेट हमेशा से विवाद का विषय रही है. पिछली सुनवाई में ऑफलाइन फॉर्म भरने की छूट मिलना अभ्यर्थियों के लिए एक छोटी जीत थी, लेकिन स्थायी समाधान उम्र सीमा की गणना की तिथि को पीछे ले जाना ही है. यदि कोर्ट इस पर हस्तक्षेप नहीं करता है, तो हजारों प्रतिभावान छात्रों का भविष्य अधर में लटक सकता है.