Jamshedpur: सामाजिक न्याय और अधिकारों की रक्षा के लिए आज जमशेदपुर की सड़कों पर उमड़े लोग। मूलनिवासी संघ के बैनर तले आयोजित इस विरोध प्रदर्शन में बड़ी संख्या में लोगों ने जिला मुख्यालय के समक्ष अपनी मांगों को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। आंदोलनकारियों का मुख्य जोर यूजीसी बिल को तत्काल प्रभाव से लागू करने और जातिगत जनगणना कराने पर रहा।
कानूनी अड़चनों पर जताया कड़ा रोष
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे विजय यादव ने केंद्र और संबंधित संस्थानों पर निशाना साधते हुए कहा कि पिछड़ों और वंचितों के हक को जानबूझकर दबाया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि एक तरफ देश में लंबे समय से लंबित जातिगत जनगणना को टाला जा रहा है, वहीं दूसरी ओर यूजीसी बिल को कानूनी दांव-पेंच में फंसाकर न्यायालय के माध्यम से रोकने की साजिश रची जा रही है। यादव ने स्पष्ट किया कि इन अड़चनों के कारण सामाजिक न्याय की पूरी प्रक्रिया बाधित हो रही है।
जिसकी जितनी संख्या भारी, उसकी उतनी हिस्सेदारी
मूलनिवासी संघ के पदाधिकारियों ने केंद्र सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि लोकतंत्र में "जिसकी जितनी भागीदारी, उसकी उतनी हिस्सेदारी" का सिद्धांत लागू होना चाहिए। संघ के नेताओं के अनुसार ओबीसी और मूलनिवासी समाज आज के दौर में खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहा है।शैक्षणिक और प्रशासनिक क्षेत्रों में पिछड़ों को उनका उचित प्रतिनिधित्व नहीं मिल पा रहा है। यूजीसी बिल में देरी करना सीधे तौर पर मेधावी और पिछड़े वर्ग के छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ है।
आंदोलन तेज करने की चेतावनी
प्रदर्शन के अंत में संघ की ओर से जिला प्रशासन के माध्यम से एक ज्ञापन सौंपा गया। प्रदर्शनकारियों ने साफ लहजे में चेतावनी दी कि यदि सरकार ने उनकी मांगों पर जल्द ही कोई ठोस और सकारात्मक कार्रवाई नहीं की, तो यह आंदोलन केवल जिला मुख्यालय तक सीमित नहीं रहेगा। आने वाले दिनों में पूरे राज्य और देश स्तर पर उग्र आंदोलन छेड़ा जाएगा।