Jharkhand Politics: भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने राज्य की वर्तमान हेमंत सोरेन सरकार के विरुद्ध मोर्चा खोल दिया है. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म “एक्स” के माध्यम से सरकार की कार्यप्रणाली पर कड़े सवाल उठाए हैं. मरांडी ने आरोप लगाया है कि राज्य सरकार अपने राजनीतिक विरोधियों को दबाने और अपने घोटालों को छिपाने के लिए संवैधानिक संस्थाओं का गलत इस्तेमाल कर रही है. उनके अनुसार, सुप्रीम कोर्ट की हालिया टिप्पणियों ने सरकार के इस चेहरे को बेनकाब कर दिया है.
संस्थाओं के राजनीतिक इस्तेमाल और कार्यशैली पर सवाल
बाबूलाल मरांडी ने दावा किया कि पिछले छह वर्षों से मुख्यमंत्री ने एसीबी, सीआईडी और झारखंड पुलिस को अपने निजी मोहरे की तरह इस्तेमाल किया है. उन्होंने विशेष रूप से इस बात पर जोर दिया कि न्यायिक आदेशों के बावजूद हिरासत में लिए गए व्यक्तियों को रिहा करने के बजाय उन पर नई प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर उन्हें कस्टडी में रखने का प्रयास किया जा रहा है. मरांडी ने राज्य में पुलिस महानिदेशक (DGP) की नियुक्ति को भी अवैध बताते हुए कहा कि भ्रष्टाचारियों को संरक्षण देने के लिए पूरी व्यवस्था को प्रभावित किया जा रहा है.
पुलिस प्रशासन की भूमिका और भ्रष्टाचार के आरोप
अपने बयान में नेता प्रतिपक्ष ने पुलिस विभाग की वर्तमान भूमिका पर अत्यंत गंभीर टिप्पणी की है. उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस के कुछ अधिकारी वर्दी की आड़ में अवैध खनन, रंगदारी, जमीन के अवैध कारोबार और बालू-पत्थर की तस्करी जैसे आपराधिक कार्यों में संलिप्त हैं. मरांडी ने कहा कि पुलिस आज रक्षक के बजाय भक्षक की भूमिका में नजर आ रही है और फर्जी मुकदमों के जरिए निर्दोषों को फंसाने का खेल खेला जा रहा है. उन्होंने स्पष्ट किया कि अब ये मामले देश की सर्वोच्च अदालत के संज्ञान में भी आ चुके हैं.
अधिकारियों को चेतावनी और भविष्य की कार्रवाई
भ्रष्टाचार में लिप्त अधिकारियों को सचेत करते हुए बाबूलाल मरांडी ने कहा कि सत्ता का संरक्षण हमेशा नहीं रहेगा. उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री स्वयं किसी को कानूनी मुश्किलों से बचाने नहीं आएंगे. उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी दी कि हेमंत सरकार के गलत कार्यों में सहभागी बनने वाले पुलिस और प्रशासन के लोगों की जवाबदेही तय की जाएगी. मरांडी ने संकल्प दोहराया कि समय आने पर ऐसे अधिकारियों के विरुद्ध विधिसम्मत तरीके से कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी और भाजपा इस भ्रष्टाचार के खिलाफ अपना संघर्ष जारी रखेगी.