Jharkhand Politics: भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष और सांसद आदित्य साहू ने चतरा और रामगढ़ में आयोजित कार्यकर्ता सम्मेलनों को संबोधित करते हुए राज्य की हेमंत सरकार पर कड़ा हमला बोला. उन्होंने कहा कि बीते छह वर्षों में झारखंड की सरकार जनता की उम्मीदों पर खरी नहीं उतरी और लोगों को केवल ठगने का काम किया है. सरकार पूरी तरह भ्रष्ट और काम करने में असफल साबित हुई है.
राज्य में आदिवासी, दलित और पिछड़े वर्ग के लोग सबसे ज्यादा परेशान
आदित्य साहू ने आरोप लगाया कि राज्य में आदिवासी, दलित और पिछड़े वर्ग के लोग सबसे ज्यादा परेशान हैं. उन्होंने कहा कि उद्योग-धंधे लगातार बंद हो रहे हैं, जिससे बेरोजगारी बढ़ रही है. व्यापारी और उद्योगपति अपराधियों की धमकियों और फिरौती से डरे हुए हैं, वहीं मुख्यमंत्री व्यापारियों का सम्मान करने के बजाय उन्हें अपमानित कर रहे हैं.
उन्होंने किसानों की समस्याओं का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार ने धान की खरीद 3200 रुपये प्रति क्विंटल के भाव से करने का वादा किया था, लेकिन इसे पूरा नहीं किया गया. नतीजा यह है कि किसान मजबूरी में बिचौलियों और दलालों को कम कीमत पर धान बेच रहे हैं.
पेसा कानून की नियमावली के नाम पर जनजातीय समाज के साथ विश्वासघात
आदित्य साहू ने आदिवासी जमीन की लूट का भी आरोप लगाया और कहा कि पेसा कानून की नियमावली के नाम पर जनजातीय समाज के साथ विश्वासघात किया गया है. इससे आदिवासियों के अधिकार कमजोर हुए हैं.
उन्होंने कहा कि आने वाले नगर निकाय चुनाव में जनता के पास सरकार को जवाब देने और सबक सिखाने का मौका है. साथ ही उन्होंने केंद्र की मोदी सरकार के लोक-कल्याणकारी बजट की तारीफ करते हुए कहा कि यदि राज्य सरकार ईमानदारी से काम करे तो झारखंड को भी इसका पूरा लाभ मिल सकता है.