Chaibasa: पश्चिमी सिंहभूम जिला मुख्यालय चाईबासा में वर्ष 2020 में हुई एक सनसनीखेज हत्या के मामले में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। चक्रधरपुर के एक युवक की निर्मम हत्या के दोषी जावेद को न्यायालय ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही उस पर 15 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।
यह वारदात 18 जुलाई 2020 की शाम चाईबासा के सराईकेला मोड़ के पास स्थित श्मशान घाट जाने वाले रास्ते पर हुई थी। घटना ने उस समय पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया था। मृतक की पहचान चक्रधरपुर के लोकनाथ नगर निवासी राजू मुखी के रूप में हुई थी।
दोस्ती में आई दरार बनी हत्या की वजह
पुलिस जांच के अनुसार, आरोपी जावेद चक्रधरपुर थाना क्षेत्र के पोटका का रहने वाला है और उसकी राजू मुखी से गहरी दोस्ती थी। हालांकि, दोनों के बीच किसी बात को लेकर मनमुटाव हो गया था। इसी रंजिश के चलते जावेद ने साजिश रची और 18 जुलाई को राजू को बहाने से चाईबासा बुला लिया।
शाम करीब पांच बजे, सुनसान इलाके का फायदा उठाते हुए जावेद ने पत्थर से कुचलकर राजू की बेरहमी से हत्या कर दी। इतना ही नहीं, पहचान छिपाने के इरादे से उसने मृतक का चेहरा भी पत्थर से बुरी तरह क्षत-विक्षत कर दिया। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया।
कपड़ों से हुई पहचान
घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। चेहरा बुरी तरह कुचले जाने के कारण पहचान करना मुश्किल हो रहा था, लेकिन परिजनों ने कपड़ों के आधार पर शव की शिनाख्त की।
मुफस्सिल थाना में 19 जुलाई 2020 को इस संबंध में हत्या का मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने जांच के दौरान तकनीकी साक्ष्यों और पूछताछ के आधार पर जावेद को गिरफ्तार कर लिया। बाद में उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
अदालत का फैसला
लंबी सुनवाई और साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने जावेद को हत्या का दोषी करार दिया। न्यायालय ने उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाते हुए 15 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया।
इस फैसले के बाद मृतक के परिजनों ने न्याय मिलने की बात कही, वहीं स्थानीय लोगों ने भी अदालत के निर्णय का स्वागत किया।
यह मामला एक बार फिर इस बात की याद दिलाता है कि छोटी-छोटी बातों से उपजा विवाद किस तरह भयावह अंजाम ले सकता है।